नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर स्थित मकर द्वार के सामने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्र आंदोलनों, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता से काम नहीं कर रही है।
मकर द्वार पर काले कपड़ों में विपक्ष का प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराने का फैसला मंगलवार को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ दिल्ली पुलिस की कथित सख्ती के विरोध में लिया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहा है और संसद परिसर में यह प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश है।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
आरजेडी सांसद संजय यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग करने वाले छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियों के कारण करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में लिए गए थे
मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रदर्शन किया था। यह विरोध कथित परीक्षा पेपर लीक मामले, छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक निकाले गए मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
हिरासत से रिहा होने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “वे डरे हुए हैं। हम उनसे नहीं डरते, बल्कि वे हमसे डरते हैं।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
कई राज्यों में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
दिल्ली की घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर, भुवनेश्वर समेत कई शहरों में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया और छात्र आंदोलनों के समर्थन में नारेबाजी की।
सोनिया गांधी भी पहुंचीं पुलिस स्टेशन
प्रियंका गांधी की हिरासत की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। वहीं लोक कल्याण मार्ग पर हुए प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद सोमवार को छात्र संगठन CJP द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। मध्य दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया।


