ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड से एक बेहद दुर्लभ मेडिकल मामला सामने आया है, जिसने दुनियाभर के लोगों और चिकित्सा विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 34 वर्षीय जेनिटर साउ नाआमोआना ने एक जैसी दिखने वाली चार बच्चियों (Identical Quadruplets) को जन्म दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की प्राकृतिक गर्भावस्था करीब 1.5 करोड़ में एक होती है।
एक ही निषेचित अंडे से बनीं चार बच्चियां
महिला ने क्वींसलैंड स्थित रॉयल ब्रिसबेन एंड विमेन्स हॉस्पिटल में 14 जुलाई को सिजेरियन सेक्शन के जरिए चार बच्चियों को जन्म दिया। अस्पताल की विशेषज्ञ डॉक्टर एलेक्सा बेंडाल ने बताया कि यह गर्भावस्था पूरी तरह प्राकृतिक थी। एक ही निषेचित अंडा चार हिस्सों में विभाजित हुआ, जिससे चारों बच्चियों का विकास हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का मामला मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ माना जाता है और ऑस्ट्रेलिया में पहले ऐसा मामला सामने आने की जानकारी नहीं है।
पहले से थे चार बच्चे, नहीं था परिवार बढ़ाने का इरादा
जेनिटर साउ नाआमोआना और उनके पति जोर्थम पहले से चार बच्चों के माता-पिता हैं। परिवार ने और बच्चे पैदा करने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन जब उन्हें एक साथ चार बच्चियों के आने की जानकारी मिली तो वे भी हैरान रह गए। अब यह दंपति कुल आठ बच्चों के माता-पिता बन चुका है।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी रही, 25वें हफ्ते में अस्पताल में कराया गया भर्ती
डॉक्टरों के अनुसार, यह गर्भावस्था काफी जोखिम भरी थी क्योंकि चारों भ्रूण एक ही प्लेसेंटा साझा कर रहे थे। ऐसी स्थिति में समय से पहले प्रसव, गर्भपात और जन्मजात समस्याओं का खतरा सामान्य गर्भावस्था की तुलना में अधिक होता है। इसी वजह से महिला को गर्भावस्था के 25वें सप्ताह में ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था, ताकि विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी और बच्चों की लगातार देखभाल की जा सके।
28 सप्ताह में हुआ सुरक्षित प्रसव
करीब 28 सप्ताह और चार दिन की गर्भावस्था पूरी होने पर डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक सिजेरियन ऑपरेशन किया। डॉक्टर एलेक्सा बेंडाल ने बताया कि चारों बच्चियां स्वस्थ हैं और मां की स्थिति भी अब स्थिर है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान सामान्य रक्तस्राव हुआ, लेकिन चार बच्चों के जन्म को देखते हुए स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही।
डॉक्टरों ने बताया ‘मेडिकल मिरेकल’
डॉक्टर बेंडाल ने इस मामले को चिकित्सा विज्ञान के लिए बेहद खास बताते हुए कहा कि प्राकृतिक रूप से एक जैसी दिखने वाली चार बच्चियों का जन्म होना किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह घटना दुनिया के सबसे दुर्लभ जन्म मामलों में गिनी जा रही है और मेडिकल समुदाय के लिए भी अध्ययन का विषय बन सकती है.


