ओडिशा के भद्रक जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम और बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन आज जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन भी आज के लिए स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
दूसरी बार आई बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें
लगातार बारिश के कारण जिले की कंसा बंसा और गेमई नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। पहली बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरा था कि दूसरी लहर ने कई इलाकों को दोबारा अपनी चपेट में ले लिया। सबसे अधिक प्रभावित बसुदेवपुर ब्लॉक के निचले क्षेत्र हैं, जहां कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। अनेक परिवार जलभराव के बीच फंस गए हैं और कई गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूटने लगा है।
किसानों की बढ़ी चिंता, सैकड़ों हेक्टेयर फसल प्रभावित
बाढ़ का पानी अब कृषि भूमि तक पहुंच चुका है। सैकड़ों हेक्टेयर खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे धान की तैयार नर्सरी लंबे समय तक पानी में डूबी रहने के कारण खराब होने लगी है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। बारांडुआ, नरसिंहपुर, अरंडुआ और सुदर्शनपुर पंचायतों में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। लगातार जलभराव के कारण धान की खेती पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
सड़कें डूबीं, कई गांवों का संपर्क बाधित
बाढ़ का पानी कई प्रमुख सड़कों के ऊपर से बह रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि निचले इलाकों में लोगों के घरों में भी पानी घुसने से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें।


