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TMC ने ED के खाते फ्रीज करने की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, 3 अगस्त को हो सकती है सुनवाई

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उसके तीन HDFC बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें खातों को फ्रीज करने पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था। मामले पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ 3 अगस्त को सुनवाई कर सकती है।

क्या है ED का आरोप?

ED का दावा है कि TMC के एक बैंक खाते से करीब 133.84 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक यह लेनदेन कथित धन शोधन (Money Laundering) और फंड के दुरुपयोग से जुड़ा हो सकता है। इसी आधार पर एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई शुरू की।

विधायक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पूरा मामला पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास की 18 जून 2026 की शिकायत से शुरू हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसके आधार पर ED ने 23 जून को PMLA के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान 7 जुलाई को एजेंसी ने छह बैंक खातों को फ्रीज किया, जिनमें TMC के तीन HDFC बैंक खाते भी शामिल हैं।

TMC का दावा- बिना पर्याप्त सबूत उठाया गया कदम

तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ED ने बिना ठोस और पर्याप्त साक्ष्यों के मनमाने तरीके से बैंक खाते फ्रीज कर दिए। पार्टी ने यह भी दलील दी कि 9 जुलाई को कलकत्ता हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ ने रोजमर्रा के प्रशासनिक और संगठनात्मक खर्चों के लिए विशेष अधिकारी की निगरानी में इन खातों के सीमित संचालन की अनुमति दी थी।

हाईकोर्ट ने क्यों नहीं दी राहत?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा था कि इस शुरुआती चरण में फंड ट्रांसफर की वैधता पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि TMC अपनी सभी आपत्तियां PMLA के Adjudicating Authority और आगे की न्यायिक कार्यवाही के दौरान रख सकती है।

ED की कार्रवाई को पहली नजर में माना उचित

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ED ने उपलब्ध रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की जांच के बाद यह मानने के पर्याप्त कारण दर्ज किए हैं कि बड़ी रकम विभिन्न संस्थाओं को ट्रांसफर की गई थी। इसलिए प्रथम दृष्टया खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई उचित प्रतीत होती है।

अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर

अब इस मामले में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की 3 अगस्त को संभावित सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत का फैसला न केवल TMC के फ्रीज किए गए खातों के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि PMLA के तहत राजनीतिक दलों के बैंक खातों पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी महत्वपूर्ण कानूनी दिशा तय कर सकता है।

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