पटना/सासाराम: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने लघु सिंचाई प्रमंडल, सासाराम के कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार सुबह उनके 6 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। EOU के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अरविंद कुमार चौधरी ने अपनी ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.19 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित की है। एजेंसी का दावा है कि यह उनकी वैध आय से 85.05 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर कार्रवाई शुरू की गई।
इन 6 ठिकानों पर चल रही है EOU की कार्रवाई
आर्थिक अपराध इकाई की टीम एक साथ कई जिलों में तलाशी अभियान चला रही है। जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें शामिल हैं—
- पटना के दानापुर स्थित आदमपुर में वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर-405।
- पटना के आशोपुर स्थित वीनस इम्पायर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर-1301।
- मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान स्थित ससुराल का मकान।
- सासाराम स्थित लघु सिंचाई प्रमंडल का कार्यपालक अभियंता कार्यालय।
- डेहरी-ऑन-सोन स्थित सरकारी आवास।
- बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव स्थित पैतृक घर।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
तलाशी के दौरान EOU को कई अहम दस्तावेजों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिलने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक तौर पर बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- भारी मात्रा में कैश
- सोने के आभूषण
- चांदी के गहने और सिक्के
- कीमती घड़ियां
- चांदी के बर्तन
- निवेश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बरामद वस्तुओं का अंतिम मूल्यांकन जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
EOU के मुताबिक सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि अधिकारी की घोषित आय और उपलब्ध संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर है। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों की जांच, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद ही संपत्ति का वास्तविक मूल्य और मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
अभी तक इंजीनियर की ओर से नहीं आया कोई बयान
इस पूरे मामले में कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं EOU ने कहा है कि सभी ठिकानों से जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई थी ऐसी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कई सरकारी अधिकारियों के यहां EOU और निगरानी एजेंसियों द्वारा छापेमारी की जा चुकी है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होती है और अदालत में आगे की कार्रवाई की जाती है।


