गांव में दर्दनाक घटना, शव पूरी रात खेत में पड़ा रहा; ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
जाब के मोगा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के कपूरे गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने खेत से घर लौट रहे एक मजदूर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुत्तों ने मृतक को इतनी बुरी तरह नोचा कि उसका शव पूरी रात खेत में पड़ा रहा। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
धान के खेत में काम करने के बाद लौट रहे थे सरबजीत सिंह
मृतक की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है, जो गांव के एक जमींदार के यहां मजदूरी का काम करते थे। जानकारी के मुताबिक, सरबजीत सिंह बीती रात धान के खेत में पानी लगाने के बाद अपने घर लौट रहे थे। उनका घर खेत से कुछ ही दूरी पर स्थित था। इसी दौरान अंधेरे में आवारा कुत्तों के एक बड़े झुंड ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। हमला इतना भयावह था कि सरबजीत सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुत्तों ने उनके शव को भी गंभीर रूप से क्षत-विक्षत कर दिया। अगली सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर पहुंचे तो उन्होंने खून से लथपथ शव देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गांव में पहले भी हो चुके हैं आवारा कुत्तों के हमले
ग्रामीण सुखदेव सिंह और गुरबक्श सिंह ने बताया कि यह गांव में आवारा कुत्तों के हमले की पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, इससे पहले भी 8 से 10 बार ऐसे हमले हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 35 से 40 आवारा कुत्तों का एक झुंड गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूमता है, जो कई बार लोगों पर हमला कर चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को शिकायतें और मांग-पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
धान की बुवाई के बीच खेतों में जाने से डर रहे किसान
इस समय क्षेत्र में धान की बुवाई का सीजन चल रहा है, जिसके चलते किसानों और मजदूरों को देर रात तक खेतों में काम करना पड़ता है। सरबजीत सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब रात के समय खेतों में जाना भी जोखिम भरा लगने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोग बिना डर के अपने खेतों में काम कर सकें।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की मांग
मृतक की पत्नी रमनदीप कौर ने बताया कि सरबजीत सिंह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और मां हैं। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।


