देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में विकसित किया जा रहा वधावन बंदरगाह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की आर्थिक प्रगति का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने दावा किया कि यह मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना अगले तीन दशकों तक भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और देश की विकास यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय साबित होगी।
जेएनपीटी से तीन गुना अधिक होगी कार्गो हैंडलिंग क्षमता
मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्रस्तावित वधावन पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता मुंबई स्थित Jawaharlal Nehru Port से लगभग तीन गुना अधिक होगी। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह क्षमता और तकनीक के मामले में दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में अपनी जगह बनाने की क्षमता रखता है।
फडणवीस के अनुसार, वधावन पोर्ट भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और देश को वैश्विक व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में नई मजबूती प्रदान करेगा।
स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के विकास के दौरान स्थानीय गांवों और मछुआरा समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का बलपूर्वक अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक परियोजना के लिए लगभग 30 से 40 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रिया सहमति और विश्वास के आधार पर की जाएगी।
प्राकृतिक गहराई के कारण मिलेगा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ
पालघर जिले के वधावन तट पर प्रस्तावित यह बंदरगाह समुद्र में लगभग 10 किलोमीटर अंदर विकसित किया जाएगा, जहां करीब 20 मीटर की प्राकृतिक गहराई उपलब्ध है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विशेषता बड़े अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों के संचालन के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है।
10 लाख रोजगार सृजन की संभावना
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वधावन पोर्ट परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इससे महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
76,220 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा मेगा पोर्ट
प्रस्तावित वधावन बंदरगाह का वार्षिक कार्गो संचालन क्षमता लगभग 298 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) होगी, जबकि इसकी कंटेनर हैंडलिंग क्षमता करीब 23.2 मिलियन TEU रहने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 76,220 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पालघर के बोईसर में बन रहे बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की और कहा कि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रही है तथा दिसंबर 2027 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।


