बेंगलुरु: कर्नाटक के आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई शहरों में छापेमारी की है। ईडी की बेंगलुरु यूनिट ने 24 जून 2026 को बेंगलुरु, मैसूरु और बेलगावी में कुल 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। मामले की शुरुआत कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, आबकारी विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शराब लाइसेंस जारी करने, नवीनीकरण और स्थानांतरण के बदले कथित रूप से रिश्वत वसूल रहे थे।
आबकारी विभाग में रिश्वतखोरी का संगठित नेटवर्क उजागर
ईडी की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि विभाग के भीतर रिश्वत वसूली का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। आरोप है कि शराब दुकानों से हर महीने तय राशि वसूली जाती थी। इसके अलावा नए लाइसेंस जारी करने, लाइसेंस रिन्यू कराने और दुकानों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के नाम पर भी अवैध वसूली की जाती थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, रिश्वत की रकम बिचौलियों के माध्यम से एकत्र की जाती थी और बाद में संबंधित लोगों के बीच बांटी जाती थी। इस पूरे लेन-देन का रिकॉर्ड रखने के लिए एक गुप्त कैश बुक का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे ईडी ने छापेमारी के दौरान बरामद कर लिया है।
परिजनों के नाम पर शराब कारोबार चलाने का आरोप
ईडी ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपने परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर शराब के लाइसेंस हासिल कर रखे थे। इन लाइसेंसों के जरिए कारोबार संचालित कर कथित तौर पर अवैध कमाई को वैध आय के रूप में दिखाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी।
इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों जगदीश नायक, के.एम. थम्मन्ना और वाई.डी. मंजूनाथ समेत उनके परिवार, व्यावसायिक साझेदारों और अन्य करीबियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और नकद लेन-देन के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
5.5 करोड़ नकद और 7.8 करोड़ के आभूषण बरामद
ईडी की कार्रवाई के दौरान वाई.डी. मंजूनाथ, उनके ड्राइवर, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े परिसरों से लगभग 5.5 करोड़ रुपये नकद, 7.8 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 3.3 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 13.3 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। ईडी ने संकेत दिया है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


