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कानपुर में गैंगस्टर अजय ठाकुर की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, 12 घंटे में जमानत और फिर वायरल हुई ‘Boss Is Back’ रील

कानपुर में महंत पर हमले के चर्चित मामले में आरोपी गैंगस्टर अजय ठाकुर की गिरफ्तारी और महज कुछ घंटों बाद जमानत पर रिहाई ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब दो महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने के बाद रावतपुर थाना पुलिस ने शनिवार को अजय ठाकुर को गिरफ्तार किया था, लेकिन रविवार सुबह ही उसे अदालत से जमानत मिल गई। रिहाई के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर उसकी एक नई रील वायरल हो गई, जिसमें उसने “Boss Is Back” लिखकर अपने समर्थकों का आभार जताया।

क्या है पूरा मामला?

मामला कानपुर के केशवपुरम स्थित त्रिलोकीधाम आश्रम से जुड़ा है। आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने 29 अप्रैल को रावतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अजय ठाकुर अपनी महिला मित्र से मिलने अक्सर आश्रम के आसपास आता था। जब महंत ने इसका विरोध किया तो अजय ठाकुर अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचा और कथित तौर पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।

सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस ने इस मामले में अजय ठाकुर, उसकी महिला मित्र, उसकी मां और ईशू यादव समेत कुल सात लोगों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट, चोट पहुंचाने और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने भाजपा का झंडा लगी अजय ठाकुर की थार एसयूवी सहित चार दोपहिया वाहनों को भी जब्त किया था। मामले में सह-आरोपी ईशू यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, जबकि अजय ठाकुर लगातार फरार था।

फरारी के दौरान सोशल मीडिया पर रहा सक्रिय

पुलिस से बचते हुए भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय बना रहा। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई वीडियो और रील पोस्ट कीं, जिनमें वह लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता, कानपुर के प्रमुख इलाकों में स्टंट करता और खुलेआम दबंगई का प्रदर्शन करता दिखाई दिया। इन वायरल वीडियो ने पुलिस पर उसकी गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ा दिया था।

गिरफ्तारी के 12 घंटे बाद मिली जमानत

आखिरकार शनिवार को रावतपुर पुलिस ने अजय ठाकुर को रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई सेंटर के पास से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस ने उसके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। रविवार को अदालत में पेशी के बाद उसे जमानत मिल गई और वह करीब 12 घंटे के भीतर ही रिहा हो गया। रिहाई के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट की गई “Boss Is Back” रील तेजी से वायरल हो गई।

पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

अजय ठाकुर की गिरफ्तारी के तुरंत बाद जमानत मिलने और फिर सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस इसे बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी का इतनी जल्दी बाहर आ जाना कार्रवाई की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महंत पर हमले से जुड़े मूल मुकदमे की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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