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आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे की राह हुई आसान: किसानों को मिलेगा 195 करोड़ रुपये मुआवजा, 7 महीने से अटका प्रोजेक्ट अब पकड़ेगा रफ्तार

किसानों को बढ़ा मुआवजा मिलने से आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ

आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण में लंबे समय से आ रही सबसे बड़ी बाधा अब लगभग खत्म हो गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच चल रहे विवाद का समाधान मध्यस्थता के जरिए हो गया है। अब प्रभावित किसानों को पहले तय 144 करोड़ रुपये की जगह कुल 195 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। यानी किसानों को करीब 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस फैसले के बाद करीब सात महीने से रुका एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

14 किलोमीटर भूमि अधिग्रहण पर था विवाद

आगरा जिले में एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 14 किलोमीटर लंबी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। पहले किसानों के लिए 144 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया था, लेकिन कई किसानों ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए जमीन का कब्जा देने से इनकार कर दिया था। मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने 148 मध्यस्थता वाद दायर किए थे। इनमें से 80 से अधिक मामलों का समाधान आपसी सहमति से हो चुका है। अब संशोधित मुआवजा राशि का भुगतान करने के लिए प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा जा रहा है।

4,613 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे

आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर ग्वालियर के सुसेरा गांव तक बनने वाला एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) लगभग 4,613 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण BOT (टोल) मॉडल पर किया जा रहा है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य के लिए जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के साथ 20 वर्ष का कन्सेशन एग्रीमेंट किया है, जिसमें 30 महीने की निर्माण अवधि भी शामिल है। हालांकि निर्माण कार्य जनवरी में शुरू होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण पूरा न होने के कारण परियोजना करीब सात महीने पीछे चली गई।

तीन राज्यों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे

यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से होकर गुजरेगा। इसके बनने के बाद आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आसान हो जाएगी। साथ ही, एनएच-44 पर आगरा-ग्वालियर मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।

चंबल अभयारण्य में पर्यावरण संरक्षण का विशेष इंतजाम

एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य से होकर गुजरेगा। घड़ियालों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंबल नदी पर विशेष केबल-स्टे ब्रिज बनाया जाएगा। इस पुल पर ध्वनि अवरोधक (Noise Barriers) और लाइट कटर लगाए जाएंगे, ताकि वन्यजीवों पर यातायात का न्यूनतम प्रभाव पड़े।

इसके अलावा परियोजना के तहत—

  • 8 बड़े पुल
  • 23 छोटे पुल
  • 6 फ्लाईओवर
  • 1 रेलवे ओवरब्रिज
  • 192 पुलिया

का निर्माण किया जाएगा।

एडीएम ने दी मुआवजा बढ़ाने की पुष्टि

एडीएम (प्रशासन) आजाद भगत सिंह के अनुसार, मध्यस्थता के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। संशोधित मुआवजा राशि के अनुसार किसानों को लगभग 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। भुगतान प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा जा चुका है।

आगरा बनेगा पांच एक्सप्रेसवे वाला देश का पहला शहर

आगरा जल्द ही देश का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां पांच एक्सप्रेसवे का नेटवर्क होगा।

वर्तमान में:

  • यमुना एक्सप्रेसवे (आगरा-नोएडा)
  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
  • पर यातायात संचालित है।
  • जबकि प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल हैं:
  • आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे
  • आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे
  • आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे

यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो अगले डेढ़ से दो वर्षों में आगरा उत्तर भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे हब बन सकता है।

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