बागपत। हरियाणा के मुरथल में जन्मदिन की पार्टी मनाकर लौट रहे छह दोस्तों की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब उनकी कार बागपत के ट्योढ़ी गांव के पास भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसे में लोनी निवासी दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है।
जन्मदिन की पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, लोनी निवासी इरशाद का बुधवार को जन्मदिन था। वह अपने दोस्तों रिहान, राजा और साहिल के साथ पहले बागपत पहुंचे, जहां बूढ़पुर निवासी नईम और सागर भी उनके साथ शामिल हो गए। सभी दोस्त मुरथल में जन्मदिन की पार्टी मनाने के बाद तड़के वापस लौट रहे थे। सुबह करीब चार बजे दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्योढ़ी गांव के पास उनकी सेंट्रो कार के सामने अचानक एक वाहन आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया। इसी दौरान कार का टायर भी पंचर हो गया और तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी पिकअप से जा टकराई।
कार के उड़े परखच्चे, दो दोस्तों की मौके पर मौत
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आगे की सीट पर बैठे इरशाद (27) और रिहान (24) की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची औद्योगिक चौकी पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव कार से बाहर निकाले। घायल राजा, साहिल, नईम और सागर को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि इरशाद के चाचा इकराम की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
सुबह घर लौटने का वादा अधूरा रह गया
रिहान और इरशाद घर से यह कहकर निकले थे कि सुबह तक वापस लौट आएंगे। लेकिन सुबह करीब पांच बजे उनके परिजनों को पुलिस का फोन आया। पहले दोनों के घायल होने की सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को उनकी मौत की खबर मिली। यह सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। रिहान मूल रूप से संभल जिले का रहने वाला था और पिछले 12 वर्षों से परिवार के साथ लोनी में रह रहा था। वह कार मैकेनिक का काम सीख रहा था। वहीं इरशाद सिलाई का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
15 साल पुरानी दोस्ती का दर्दनाक अंत
रिहान और इरशाद की दोस्ती करीब 15 साल पुरानी थी। दोनों परिवारों के बीच भी गहरा रिश्ता था। रिहान के पिता कार मैकेनिक हैं, जबकि इरशाद के पिता सिलाई का काम करते थे। इसी दौरान दोनों परिवारों की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों बच्चों की दोस्ती समय के साथ और मजबूत होती चली गई। परिजनों का कहना है कि दोनों दोस्त हर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते थे। किस्मत ने भी दोनों को एक साथ ही दुनिया से विदा कर दिया।
इकलौते बेटे की मौत से मां पर टूटा दुखों का पहाड़
इरशाद को उसकी मां अनीसा और पिता शमशाद ने बचपन में गोद लिया था। शादी के कई वर्षों बाद संतान न होने पर उन्होंने उसे अपना बेटा बनाया और सगे बेटे की तरह पाला। करीब दो वर्ष पहले बीमारी के कारण शमशाद का निधन हो गया था। इसके बाद इरशाद ही मां का एकमात्र सहारा था। सड़क हादसे में बेटे की मौत की खबर सुनते ही अनीसा बेसुध हो गईं। मोहल्ले में भी शोक की लहर दौड़ गई और हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि पहले पति और अब इकलौते बेटे को खोने के बाद उनका पूरा संसार उजड़ गया।
चार दोस्तों की हालत अब भी गंभीर
हादसे में घायल राजा (22) दिल्ली में बिरयानी बेचने का काम करता है, जबकि साहिल (20) सिलाई का काम करता है। साहिल के सिर, कमर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। नईम और सागर का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही चारों युवकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। पूरे इलाके में हादसे के बाद शोक का माहौल बना हुआ है।


