34.1 C
Agra
Homeअपराध“आरोप बड़े, सबूत गायब! ADA के बाहर तथाकथित किसान नेता का प्रदर्शन,...

“आरोप बड़े, सबूत गायब! ADA के बाहर तथाकथित किसान नेता का प्रदर्शन, प्रमाण मांगने पर बढ़ा हंगामा”

किसान नेता के प्रदर्शन पर विवाद, भ्रष्टाचार के आरोपों के प्रमाण मांगने पर बढ़ा हंगामा

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण के बाहर बिना अनुमति के तथाकथित स्वयं घोषित किसान नेता पुष्पेन्द्र चैधरी ने कुछ अज्ञात लोगों के साथ प्र्राधिकरण के कर्मचारियों के फोटो बैनर पर लगाकर बिना परमीशन प्राप्त कर धरना दिया था। धरने के दौरान तथा कथित किसान नेता पुष्पेन्द्र चैधरी ने कर्मचारियों के विरूद्ध अशोभनीय व तिरस्कार पूर्ण शब्दों का प्रयोग किया गया था।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने जब धरना पर बैठे तथाकथित किसान नेता पुष्पेन्द्र चैधरी से वार्ता की तो उनके द्वारा प्राधिकरण के कर्मचारियों पर पैसे लेन देने और भ्रष्टाचारी होने के आरोप लगाये। अधिकारयों ने जब उनसे पैसे लेन देन के सबूत दिखाने को कहा गया तो वह सबूत नहीं दिखा पाये और भड़क गये और नारे लगाने लगे, जिस पर पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हे शांत कराया और चेतावनी दी गयी।
इस संबंध में हमारे संवाददाता द्वारा जानकारी जुटाई गयी- प्राधिकरण में कर्मचारियों पर जो पुष्पेन्द्र चैधरी द्वारा पूर्व में जो शिकायत की गयी थी, उन पर कार्यवाही करते हुये उन्हें जवाब भेजे गये थे। उसके बाद कथित भ्रष्टाचार और पैसे लेने के आरोप लगाये गये है, जिस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने पैसे के लेन देन और भ्रष्टचार के साक्ष्य/सबूत प्रस्तुत करने के लिए पुष्पेन्द्र चैधरी को पत्र भेजा। पुष्पेन्द्र चैधरी जब साक्ष्य/सबूत दिखाने में असफल रहा तब तथाकथित नेता पुष्पेन्द्र चैधरी ने दबाव बनाने के उद्देश्य से बैनर पर कर्मचारियों के निज फोटो लगाकर प्रदर्शन किया।

बैनर पर कर्मचारियों की तस्वीरें लगाकर प्रदर्शन, किसान नेता के दावों पर उठे सवाल


प्राधिकरण के कर्मचारियों और अधिकारियों पर आरोप लगाने वालेे पुष्पेन्द चैधरी ने खुद नियमों और कानून तोड़ते हुये किसान मजदूर यूनियन (भारत) का पंजीकरण का समय पर रिन्यूल भी नहीं कराया है, जिससे बैनर तले गतिविधियां अमान्य और गैर-कानूनी मानी जायेगी।

इस संबंध में किसान कप्तान सिंह से जब वार्ता की गयी तो उन्होंने बताया कि कुछ नहीं ये फर्जी किसान नेता है, जो माननीय टिकैत साहब और चैधरी चरण सिंह जी का नाम धुमिल कर रहें है।

वहीं दुसरे किसान ठाकुर ने बताया कि यह आम सीधे साधे किसानों को बहला फुसला कर उन्हें गुमराह कर अपने साथ ले जाते है और अधिकारियों पर दबाव बना कर अपनी राजनीती चमकाने का कार्य कर रहे है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments