अलीगढ़/इगलास। अलीगढ़ के इगलास में गोशाला के पास 11 अगस्त को मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मृतका की पहचान असम निवासी मोनोवरा बेगम उर्फ मोना (28) के रूप में की है। हत्या के आरोप में उसके प्रेमी विकास सिंह को मथुरा के राया क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, शादी से इनकार और आपसी विवाद के बाद विकास ने ईंट से मोनोवरा के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
तीन साल पहले होटल में हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार, असम के नौगांव क्षेत्र की रहने वाली मोनोवरा बेगम करीब तीन वर्ष पहले मथुरा आई थी। यहां उसने होटल रॉयल में हाउसकीपिंग का काम शुरू किया था। इसी होटल में राया निवासी विकास सिंह भी काम करता था। नौकरी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे उनके बीच प्रेम संबंध बन गए। करीब डेढ़ वर्ष पहले पुलिस की कार्रवाई के बाद होटल बंद हो गया, जिससे मोनोवरा की नौकरी चली गई। इसके बाद वह रोजगार की तलाश में अपनी बहन के पास लखनऊ चली गई और वहां एक अन्य होटल में काम करने लगी।
दूसरे युवक से संपर्क की भनक लगने पर नाराज था विकास
पुलिस जांच में सामने आया कि लखनऊ में रहने के दौरान मोनोवरा किसी अन्य युवक के संपर्क में आ गई थी। इसकी जानकारी विकास को हुई तो वह नाराज रहने लगा। पुलिस को मिले फोन रिकॉर्ड और चैट के मुताबिक, विकास मोनोवरा पर बेवफाई का आरोप लगाता था और अपने पुराने रिश्ते का हवाला देकर उस पर मिलने के लिए दबाव बनाता था। विकास के बार-बार कहने पर मोनोवरा 9 अगस्त को हाथरस पहुंची। वहां दोनों की मुलाकात एक होटल में हुई। विकास ने अपने खर्च किए गए रुपये और पहले दिए गए पैसे वापस मांगे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ और मोनोवरा ने विकास को थप्पड़ मार दिया।
शादी से इनकार पर बढ़ा विवाद, ईंट से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त को विकास ने एक बार फिर मोनोवरा को मिलने के लिए बुलाया। वह उसे बाइक पर बैठाकर बरेली-बदायूं एक्सप्रेसवे के रास्ते इगलास ले गया। गोशाला के पास दोनों के बीच बातचीत के दौरान मोनोवरा ने विकास से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में विकास ने पास पड़ी ईंट से मोनोवरा के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद वह महिला का बैग लेकर वहां से फरार हो गया।
40 रुपये की चाय ने खोला हत्या का राज
इस हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक अहम डिजिटल सुराग मिला। वारदात के बाद फरार होते समय विकास रास्ते में स्थित बजरंग रेस्टोरेंट पर रुका और चाय पी। उसने चाय के 40 रुपये का भुगतान यूपीआई के जरिए किया। पुलिस ने डिजिटल पेमेंट और सीसीटीवी फुटेज को आपस में जोड़कर आरोपी की गतिविधियों की कड़ी तैयार की। जांच टीम ने आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
बाइक नंबर से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान सीओ खैर कमलेश कुमार ने सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी के साथ एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों तक जांच की। इसी दौरान एक सीसीटीवी फुटेज में मृतका के कपड़ों और हुलिए से मिलती-जुलती महिला काले रंग की बाइक पर पीछे बैठी दिखाई दी। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया। इसके बाद अलग-अलग सीसीटीवी कैमरों में बाइक की आवाजाही को ट्रेस किया गया। फुटेज में बाइक को घटना स्थल की ओर जाते और फिर वहां से वापस लौटते देखा गया। इसी जांच में बजरंग रेस्टोरेंट पर बाइक के रुकने और यूपीआई भुगतान का सुराग भी मिला। तकनीकी सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विकास सिंह को मथुरा के राया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
परिजन नहीं आए, वीडियो कॉल से हुई अंतिम विदाई
मृतका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी, लेकिन वे अलीगढ़ नहीं पहुंच सके। सोमवार को मानव उपकार संस्था की मदद से अलीगढ़ के नुमाइश स्थित कब्रिस्तान में मोनोवरा बेगम को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। संस्था के प्रमुख विष्णु कुमार बंटी के मुताबिक, शव की स्थिति खराब होने लगी थी। मोनोवरा की मां और चार बहनों ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार की रस्मों में हिस्सा लिया। इस दौरान एक बहन रो रही थी, जबकि मां भावुक दिखाई नहीं दीं।
एसएसपी ने क्या कहा?
अलीगढ़ के एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि गोशाला के पास महिला का शव मिला था। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतका की पहचान असम निवासी मोनोवरा बेगम के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, विकास और मोनोवरा एक-दूसरे को कई वर्षों से जानते थे और उनके बीच घनिष्ठ संबंध थे। विवाद के बाद विकास ने उसकी हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।


