वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से प्रदेश के शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ालालपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राज्य के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को दी तीन बड़ी सौगात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षकों के लिए तीन महत्वपूर्ण पहल की हैं—कैशलेस चिकित्सा योजना, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और सामाजिक सुरक्षा कवरेज। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों ने भले ही इस सुविधा की मांग न की हो, लेकिन सरकार उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब शिक्षक बिना आर्थिक चिंता के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद के छात्रों को डीबीटी के जरिए मिली सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक छात्र के खाते में ₹1,200 की सहायता राशि भेजी जा रही है। इस अवसर पर कुल ₹1,320 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की गई। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और निर्धारित यूनिफॉर्म पहनने के लिए प्रेरित करने को कहा।
शिक्षकों से की बेहतर शिक्षा देने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार शिक्षकों से बदले में केवल एक अपेक्षा रखती है कि वे बच्चों की पढ़ाई, विद्यालय की स्वच्छता और उनके समग्र विकास पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत प्रत्येक बच्चे को सक्षम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है।
एसबीआई के साथ एमओयू, अस्थायी शिक्षकों को मिलेगा 10 लाख रुपये का सुरक्षा कवर
कार्यक्रम में राज्य सरकार और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू भी हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत अस्थायी शिक्षकों को ₹10 लाख तक का जोखिम कवर मिलेगा। इस सुरक्षा पैकेज में जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, शारीरिक क्षति (फिजिकल डैमेज) क्लेम तथा बच्चों की शिक्षा और विवाह जैसी आवश्यकताओं के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा से बदली उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं कई महीनों तक चलती थीं, जबकि अब निर्धारित समय में परीक्षाएं पूरी होकर समय पर परिणाम भी घोषित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार के कारण प्रदेश की विकास गति तेज हुई है और आज उत्तर प्रदेश के लोग पहचान के संकट से नहीं गुजरते।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया ऐतिहासिक कदम
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करता, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा कर दिया। उन्होंने बताया कि एसबीआई के साथ हुए समझौते के तहत शिक्षकों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, शारीरिक क्षति कवर और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। साथ ही स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 12 विद्यालयों को सम्मानित किया गया।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने जताया आभार
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने इस योजना को शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक और कल्याणकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध होगी। उनके अनुसार परिवार सुरक्षित रहने पर शिक्षक पूरी निष्ठा से विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना की प्रमुख बातें
- प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को लाभ।
- ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
- नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और पात्र कार्मिक भी शामिल।
- बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों के लिए ₹1,200 प्रति छात्र डीबीटी।
- कुल ₹1,320 करोड़ की सहायता राशि जारी।
- एसबीआई के साथ एमओयू के तहत अस्थायी शिक्षकों को ₹10 लाख तक का सामाजिक सुरक्षा कवर।
- विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर।


