महिला ने खुद को दरोगा की दूसरी पत्नी बताया, फोटो-वीडियो के साथ लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला द्वारा पुलिस विभाग के एक दरोगा पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने सनसनी फैला दी है। महिला ने खुद को दरोगा की दूसरी पत्नी बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के समक्ष फोटो, वीडियो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं। आरोप है कि दरोगा ने शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। मामले की प्राथमिक जांच के बाद आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पत्नी की तरह साथ रहने का दावा
महिला का कहना है कि उसकी मुलाकात बारादरी थाने में एक मामले के दौरान दरोगा नरेश बाबू से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दरोगा उसके घर आने-जाने लगा। महिला का दावा है कि दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे और कई शहरों के होटलों में भी साथ ठहरे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2025 के करवाचौथ पर दरोगा अपनी पहली पत्नी के पास न जाकर उसके साथ व्रत और पूजा में शामिल हुआ था। उसने उस दौरान की तस्वीरें भी अधिकारियों और मीडिया को सौंपी हैं।
आठ लाख रुपये के जेवर लेने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, फरवरी 2026 में दरोगा ने बेटे की शादी का हवाला देकर उससे करीब आठ लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर ले लिए। महिला का आरोप है कि शादी के बाद भी दरोगा उसके पास लौट आया, लेकिन जब उसने अपने जेवर वापस मांगे तो उसे धमकाया जाने लगा।
गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप
महिला ने शिकायत में कहा है कि जब वह गर्भवती हुई तो 12 मई को दरोगा उसे प्रेमनगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गया। वहां कथित रूप से गर्भपात की दवा खिलाई गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अस्पताल में परिवार पर मारपीट का आरोप
महिला का आरोप है कि 4 और 5 जुलाई 2026 की रात सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उसने ही दरोगा को अस्पताल पहुंचाया और इलाज का खर्च भी उठाया। लेकिन अगले दिन अस्पताल पहुंचे दरोगा के परिवार वालों ने उसके साथ अभद्रता और मारपीट की तथा घायल दरोगा को अपने साथ ले गए। महिला का कहना है कि उसने डायल-112 पर भी सूचना दी थी।
तबादला और छुट्टी को लेकर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, दरोगा का कुछ समय पहले बारादरी थाने से सिरौली थाने में तबादला हुआ था। विभागीय चर्चाओं के मुताबिक, महिला लगातार खुद को सरकारी रिकॉर्ड में पत्नी के रूप में दर्ज कराने की बात कर रही थी। इसी बीच दरोगा ने पहले मेडिकल लीव ली और बाद में सड़क हादसे में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती रहा।
शादी और नौकरी का झांसा देकर शोषण का आरोप
पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2022 से उसका अपने पति के साथ विवाद चल रहा था। वर्ष 2025 में जब वह अपनी शिकायत लेकर बारादरी थाने पहुंची तो तत्कालीन विवेचक नरेश बाबू ने जांच के बहाने उससे संपर्क बढ़ाया। आरोप है कि दरोगा ने पहली पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे में रखकर उसने लंबे समय तक उसका शोषण किया।
एसएसपी की कार्रवाई, दरोगा निलंबित
मामले की प्राथमिक जांच के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विस्तृत विभागीय जांच की जिम्मेदारी एसपी दक्षिणी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि महिला द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर प्राथमिक कार्रवाई की गई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


