आगरा: जिले की ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 में 225 नए अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। इन भवनों में सरकारी राशन की दुकानों का संचालन किया जाएगा, जिससे निजी भवनों पर निर्भरता खत्म होगी और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
150 भवनों के लिए भूमि उपलब्ध, 75 के लिए तलाश जारी
जिले में कुल 590 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर 1,253 सरकारी राशन की दुकानें संचालित हो रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य इन दुकानों को चरणबद्ध तरीके से निजी भवनों से हटाकर सरकारी अन्नपूर्णा भवनों में स्थानांतरित करना है। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित 225 अन्नपूर्णा भवनों में से 150 भवनों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जबकि शेष 75 भवनों के लिए ग्राम समाज की भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है।
मनरेगा के तहत पहले बन चुके हैं 75 अन्नपूर्णा भवन
इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा योजना के अंतर्गत 75 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया गया था। अब अगले चरण में 225 नए भवनों के निर्माण की योजना तैयार की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
राशन दुकान के साथ मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत अन्नपूर्णा भवन केवल राशन वितरण केंद्र नहीं होंगे, बल्कि यहां कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और जनरल स्टोर संचालित करने की भी अनुमति होगी। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी और दैनिक जरूरतों से जुड़ी कई सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही राशन विक्रेताओं के लिए अतिरिक्त आय का अवसर भी बनेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने क्या कहा?
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य राशन की दुकानों को निजी भवनों से हटाकर सरकारी अन्नपूर्णा भवनों में संचालित करना है। इसके लिए इस वर्ष 225 नए भवनों का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इन भवनों में ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉमन सर्विस सेंटर और जनरल स्टोर संचालित करने की भी योजना बनाई गई है।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
अन्नपूर्णा भवन बनने से राशन वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और स्थायी होगी। सरकारी भवनों में दुकानों के संचालन से निगरानी आसान होगी, जबकि एक ही परिसर में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को बार-बार अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


