38.2 C
Agra
Homeदुनियातेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, लाखों लोगों की उमड़ी...

तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, लाखों लोगों की उमड़ी भीड़, दुनिया भर से पहुंचे प्रतिनिधि

तेहरान: ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स और समाचार एजेंसियों के अनुसार, अंतिम विदाई समारोह में एक करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी इस समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के दौरान हुए एक हवाई हमले में 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है।

ग्रैंड मोसल्ला में रखे गए अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन

तेहरान स्थित ग्रैंड मोसल्ला में अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को कांच के ताबूत में रखा गया है, जहां लाखों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अंतिम दर्शन के दौरान कई लोग भावुक होकर रोते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोगों ने “हम सब एक हैं, बदला लेंगे” जैसे नारे भी लगाए।शोक में डूबे लोग अपने साथ बैनर और झंडे लेकर पहुंचे। पूरे तेहरान शहर में अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। शिया परंपरा के अनुसार, कई लोगों ने छाती पीटकर शोक व्यक्त किया। 27 वर्षीय हनानेह मौसवी, जो अपनी मां के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुईं, ने कहा, “मैं अपने प्रिय नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने आई हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा दिन देखना पड़ेगा।”

परिवार के सदस्यों के ताबूत भी मंच पर रखे गए

ग्रैंड मोसल्ला में बनाए गए मंच को उसी शैली में तैयार किया गया, जहां अयातुल्ला खामेनेई अपने सार्वजनिक संबोधन दिया करते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह स्थान उस कथित हवाई हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसमें उनकी मृत्यु हुई थी। खामेनेई के ताबूत पर उनकी काली पगड़ी रखी गई, जिसे पैगंबर मोहम्मद के वंशज होने का प्रतीक माना जाता है। उनके परिवार के अन्य दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी उसी मंच पर रखे गए।

1989 के बाद सबसे बड़े अंतिम संस्कार समारोह की संभावना

ईरानी सरकार का अनुमान है कि यह अंतिम संस्कार समारोह 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के अंतिम संस्कार के बाद देश का सबसे बड़ा जनसमूह साबित हो सकता है। उस समय भी लगभग एक करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया गया था। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए पानी के छिड़काव और शीतल पेय पदार्थों की व्यवस्था की है। तबरिज से लगभग 530 किलोमीटर की यात्रा करके पहुंचे अली काजेमी ने कहा, “हम यहां यह दिखाने आए हैं कि हम अपने देश और अपने धर्म की रक्षा के लिए एकजुट हैं।”

भारत की ओर से भी शामिल हुआ प्रतिनिधिमंडल

अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने किया। सैयद अता हसनैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में भारत की ओर से भाग लिया और हालिया संघर्ष में मारे गए सभी लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

अंतिम संस्कार के दौरान हमले नहीं करने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण डकोटा के माउंट रशमोर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अमेरिका ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है और ईरान समझौते की इच्छा रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। दूसरी ओर, तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान कुछ लोगों के हाथों में “#KillTrump” लिखे बैनर भी देखे गए। साथ ही, “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए, जो ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से राजनीतिक नारों का हिस्सा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, कई दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कई दिनों तक जारी रह सकती है। इसके बाद अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों और पड़ोसी देश इराक ले जाने की भी योजना है। सुरक्षा कारणों से तेहरान की कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया है। हवाई क्षेत्र में भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसके चलते शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments