उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं। इनमें गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह और कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी का नाम शामिल है। तीनों विधायकों ने अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अमेठी में आयोजित हुआ बीजेपी का ज्वॉइनिंग कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी ताकत दिखाने के लिए बीजेपी ने अमेठी में सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान स्मृति ईरानी और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी के तीनों बागी विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद प्रदेश में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से समाजवादी पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, बीजेपी इसे प्रदेश में अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख सकती है।
राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग
समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले इन तीनों विधायकों का नाम फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी सुर्खियों में आया था। उस समय इन विधायकों पर पार्टी के रुख से अलग जाकर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की चर्चा हुई थी। इन विधायकों के इस कदम को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना गया था। बाद में पार्टी और इन नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ गई। राकेश प्रताप सिंह को जून 2025 में समाजवादी पार्टी से निष्कासित भी कर दिया गया था।
बीजेपी में शामिल होने वाले तीनों विधायकों के नाम
1. राकेश प्रताप सिंह
- विधानसभा क्षेत्र: गौरीगंज
- जिला: अमेठी
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 और 2022 में विधायक चुने गए।
2. अभय सिंह
- विधानसभा क्षेत्र: गोसाईंगंज
- जिला: अयोध्या
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: समाजवादी पार्टी के चर्चित विधायकों में शामिल रहे हैं। पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों को लेकर भी चर्चा में रहे।
3. विनोद चतुर्वेदी
- विधानसभा क्षेत्र: कालपी
- जिला: जालौन
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा पहुंचे और बाद में पार्टी से अलग राजनीतिक राह अपनाई।
कौन हैं राकेश प्रताप सिंह?
राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा के टिकट पर जीत हासिल की। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद वह राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गए थे। जून 2025 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद वह लगातार सपा नेतृत्व और पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाते रहे।
अब बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक पारी एक नए मोड़ पर पहुंच गई है।
अभय सिंह के बीजेपी में जाने से अयोध्या की राजनीति में हलचल
अयोध्या जिले की गोसाईंगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चित चेहरा रहे हैं। समाजवादी पार्टी में रहते हुए उनका नाम कई बार राजनीतिक बयानबाजी और पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों को लेकर सुर्खियों में आया। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उनका रुख चर्चा का विषय बना था। अब बीजेपी में शामिल होने के बाद अयोध्या और आसपास के राजनीतिक समीकरणों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
विनोद चतुर्वेदी ने भी थामा बीजेपी का दामन
जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी भी अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उनके पाला बदलने से बुंदेलखंड क्षेत्र की राजनीति में इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों का एक साथ बीजेपी में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने का संकेत दे सकता है। हालांकि, इसका आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।


