भरतपुर/फरीदाबाद। राजस्थान के भरतपुर जिले में क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर करीब दो साल से चल रहा विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक घटना में बयाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। सोमवार को एंबुलेंस के जरिए उनका पार्थिव शरीर हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित उनके पैतृक गांव पाली पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व विधायक के अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर परिजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी।
दो साल से चल रहा था माइनिंग लीज के रास्ते का विवाद
भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंडा-रायपुर गांव में क्रेशर प्लांट और माइनिंग लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों और खनन संचालकों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद करीब दो साल पुराना था। रविवार, 11 अक्टूबर की शाम पहाड़ी पर खनन कार्य के दौरान 70 से 80 लोगों की भीड़ क्रेशर प्लांट पर पहुंच गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। मौके पर जमकर पथराव हुआ और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने की भी जानकारी सामने आई।
इस संघर्ष में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
पत्नी ने गोली मारने का लगाया आरोप, रास्ते में तोड़ा दम
हिंसक घटना के बाद अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनके पति पर गोली चलाई गई थी। हालांकि, पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत की वजह गंभीर चोटें और अत्यधिक खून बहना बताई गई है। गोली लगने के आरोप की पुष्टि जांच के तथ्यों से होनी बाकी है। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए वैर उपजिला अस्पताल ले जाया गया। पूर्व विधायक की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जयपुर ले जाते समय दौसा जिले के महुआ के पास रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूर्व विधायक के परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
SMS अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
अतर सिंह भड़ाना के शव का जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूर्व विधायक का पार्थिव शरीर उनके बड़े बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना की मौजूदगी में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पैतृक गांव पाली लाया गया। गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात
पूर्व विधायक की मौत के बाद भरतपुर के भौंडा गांव और अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दायरे में क्रेशर प्लांट पर हुआ संघर्ष, मारपीट, पथराव और गोली चलाने के आरोप सहित घटना से जुड़े अन्य पहलू शामिल हैं। मामले में वास्तविक घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
2003 में भाजपा के टिकट पर बने थे बयाना के विधायक
अतर सिंह भड़ाना राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहे थे। वह करीब 30 वर्षों से राजस्थान में रह रहे थे। वर्ष 2003 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर बयाना विधानसभा सीट से चुनाव जीता था और विधायक बने थे। राजनीति में आने से पहले वह दो बार अपने गांव के सरपंच भी रह चुके थे। उनके पिता भी गांव के सरपंच रहे थे। अतर सिंह भड़ाना को बेटियों की शिक्षा का समर्थक बताया जाता था।
लाहौल-स्पीति में उपायुक्त हैं बेटी किरण भड़ाना
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की बेटी किरण भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में उपायुक्त (DC) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मौत की खबर से परिवार, परिचितों और समर्थकों में शोक व्याप्त है।


