25.5 C
Agra
Homeउत्तर प्रदेशनीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा,...

नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा, सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को बड़ा फैसला सुनाया है। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दी गई उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही मार्च 2025 में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड की सुनवाई का अहम पड़ाव पूरा हो गया है। करीब 13 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया, 127 सुनवाई की तारीखों और 22 से अधिक गवाहों के बयानों के बाद अदालत ने दोनों दोषियों की सजा का ऐलान किया। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी, दोषियों ने कुछ भी कहने से किया इनकार

सजा सुनाए जाने से पहले बुधवार सुबह अदालत में दोनों दोषियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। इस दौरान न्यायाधीश ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला से पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले अपनी बात रखना चाहते हैं। हालांकि, दोनों दोषियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने मामले में सजा का ऐलान किया। दोनों मेरठ की चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं।

क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?

मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। इस मामले में मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर लगा था। अभियोजन पक्ष के आरोपों के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे देश में मामला चर्चा का विषय बन गया था। पुलिस जांच के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन पक्ष ने अपने तर्क पेश किए।

30 सितंबर को दोषी करार दिए गए थे मुस्कान और साहिल

इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण को पूरा किया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments