लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट ‘टेक संगम’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डेटा प्रोटेक्शन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि AI भले ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज और आसान बना सकता है, लेकिन इंसानों की निर्णय क्षमता और विवेक का स्थान नहीं ले सकता। तकनीक का इस्तेमाल हमेशा मानवीय जिम्मेदारी और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। इस दौरान सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लखनऊ में जिस जमीन पर आज यह संस्थान स्थापित है, उस पर पहले एक भूमाफिया ने कब्जा कर रखा था। सरकार ने दस्तावेजों की जांच और कानूनी कार्रवाई के जरिए जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद यहां फॉरेंसिक साइंस संस्थान की स्थापना का रास्ता साफ हुआ।
Tech Sangam Summit: AI के इस्तेमाल पर सीएम योगी ने क्यों जताई चिंता?
टेक संगम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधुनिक दुनिया में तेजी से बदलाव ला रहा है। इसके जरिए कई जटिल समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, AI पर पूरी तरह निर्भर रहना भविष्य में नई समस्याएं भी पैदा कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI का संचालन इंसानों के नियंत्रण में रहना चाहिए। तकनीक का उपयोग करते समय मानवीय विवेक, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देना जरूरी है। तकनीकी विकास तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और उसके इस्तेमाल से लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
डीपफेक, साइबर फ्रॉड और पहचान की चोरी बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकें विकास की नई संभावनाएं खोल रही हैं। वहीं, इनके बढ़ते इस्तेमाल के साथ डीपफेक, साइबर धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता जैसी चुनौतियां भी गंभीर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए ऐसे सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम तैयार करने होंगे, जिनका इस्तेमाल जनहित में किया जा सके। सीएम योगी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वदेशी AI क्षमताओं के विकास, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और जिम्मेदार AI इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
10 साल पहले यूपी के लिए सपना था ऐसा आयोजन: योगी आदित्यनाथ
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब एक दशक पहले प्रदेश में इस तरह के तकनीकी विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्चा की कल्पना करना भी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि आज जिस उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज में टेक संगम का आयोजन हो रहा है, उस जमीन पर कभी भूमाफिया का कब्जा था। लखनऊ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित लगभग 100 एकड़ के इस क्षेत्र को लेकर उन्होंने बताया कि जमीन उत्तर प्रदेश पुलिस से संबंधित होने के बावजूद उस पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस मामले की जानकारी उन्हें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (DGP) के माध्यम से मिली थी। डीजीपी ने उनसे जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के लिए कार्रवाई करने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा था।
दस्तावेजों की जांच के बाद भूमाफिया पर हुई कार्रवाई
सीएम योगी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जमीन से जुड़े दस्तावेज मंगवाए। फाइल की जांच के दौरान जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों और संबंधित अधिकारी की भूमिका की पड़ताल कराई गई। उन्होंने कहा कि जांच में विभागीय स्तर पर गलती स्वीकार किए जाने के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दूसरी एफआईआर भी दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया और जमीन छोड़ने की बात कही। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानूनी कार्रवाई के जरिए जमीन को भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया। बाद में इसी भूमि पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना की गई।
फॉरेंसिक साइंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में यूपी की पहल
टेक संगम का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल साक्ष्य, साइबर अपराध और AI आधारित तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। साइबर फ्रॉड से लेकर डीपफेक तक, नई चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की आवश्यकता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार, विशेषज्ञों और संबंधित संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। लखनऊ में आयोजित टेक संगम के जरिए AI, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और डेटा प्रोटेक्शन जैसे विषयों पर चर्चा को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है। वहीं, इस आयोजन के लिए चुना गया फॉरेंसिक संस्थान प्रदेश में जमीन को कब्जे से मुक्त कराने और उसके बाद संस्थागत विकास की कहानी को भी सामने लाता है।


