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वैश्विक टैरिफ वॉर के दौर में आत्मनिर्भरता ही भारत का सबसे बड़ा हथियार: ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक

एमएसएमई बनेंगे भारत को मैन्युफैक्चरिंग पॉवरहाउस, आगरा में बोले ब्रिगेडियर मलिक

आगरा। वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों और टैरिफ वॉर के दौर में भारत को मजबूती के साथ आगे बढ़ना है तो आत्मनिर्भरता ही सबसे बड़ा रास्ता है। नवाचार, तकनीक और निर्माण को केंद्र में रखकर ही देश विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा सकता है। यह विचार मंगलवार को फाउंड्री नगर में आयोजित एमएसएमई के दो दिवसीय वेंडर विकास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक ने व्यक्त किए। सेना मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर मलिक ने युवाओं और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। हर क्षेत्र में ऊंची उड़ान भरने का साहस रखें। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, बावजूद इसके आयात की तुलना में निर्यात अभी पीछे है। इस अंतर को पाटने में लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों की भूमिका निर्णायक है।

उन्होंने बताया कि देश में करीब 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत और निर्यात में 45 प्रतिशत योगदान दे रही हैं। आने वाले पांच वर्षों में इस योगदान को दोगुना करना होगा, तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए सशक्त और विकसित भारत की नींव रख सकेंगे। कार्यक्रम में फैक्टरी ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर खन्ना ने कहा कि किसी भी वेंडर की असली पहचान उसके उत्पाद की गुणवत्ता, लागत और समय पर आपूर्ति से होती है। वहीं लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने जानकारी दी कि जल्द ही “एमएसएमई कनेक्ट” नामक मोबाइल एप लॉन्च किया जाएगा, जिससे एमएसएमई से जुड़ी जानकारियां और सेवाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी।

एमएसएमई विकास कार्यालय के निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने पब्लिक प्रोक्योरमेंट नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकारी विभागों को अपनी 25 प्रतिशत खरीद एमएसएमई से करना अनिवार्य है। उन्होंने उद्यमियों से इनक्यूबेशन, बारकोड, सीडीपी, ज़ेड और लीन जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही बताया कि चैंपियंस पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। पीपीडीसी के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अमित चोपड़ा, अभिषेक सिंह, पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, सुरेंद्र मोहन कालरा, जितेंद्र यादव, नेहा मेहतो सहित कई उद्यमी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

ड्रोन से रोबोटिक्स तक, तकनीक का प्रदर्शन

फाउंड्री नगर स्थित एमएसएमई-पीपीडीसी लैब में तैयार उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक ने किया। प्रदर्शनी में ड्रोन, रोबोटिक्स सिस्टम, ढलाई उपकरण, वस्त्र, प्राकृतिक कलाकृतियां, जूते और अन्य नवाचारी उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। व्हिज एयरोस्पेस के निदेशक आलियान खान ने सैन्य उपयोग में आने वाले ड्रोन प्रदर्शित किए और उनकी कार्यक्षमता की जानकारी दी। रोबोटिक्स और आधुनिक मशीनों को देखकर आगंतुकों में खासा उत्साह देखा गया। 20 से अधिक उत्पादों की यह प्रदर्शनी बुधवार को समापन के साथ समाप्त होगी।

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