रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया है। मंगलवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले सोमवार देर शाम देवेंद्रनाथ गुट ने भी अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी। छात्रों ने राज्य सरकार को दो महीने का समय दिया है। मंच का कहना है कि इस अवधि में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच पूरी होनी चाहिए। अगर तय समय में जांच पूरी नहीं होती है, तो छात्र दोबारा रांची में बड़े आंदोलन के साथ सड़क पर उतरेंगे। उस स्थिति में CBI जांच की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा होगी।
सरकार को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की कोर कमेटी की बैठक में आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। छात्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए कई कदम उठाए हैं। ऐसे में सरकार को जांच पूरी करने के लिए समय देना उचित होगा। मंच ने स्पष्ट किया कि दो महीने के भीतर जांच में ठोस प्रगति दिखनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो छात्र फिर बड़ी संख्या में रांची पहुंचकर आंदोलन शुरू करेंगे।
छात्रों का दावा- आंदोलन के दबाव में सरकार ने उठाए कदम
छात्र नेताओं का दावा है कि उनके आंदोलन का सरकार पर असर पड़ा है। उनके मुताबिक, आंदोलन के दौरान सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द की हैं और कई अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है। छात्रों का कहना है कि जब सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों की जांच शुरू कर दी है, तो उसे निष्पक्ष तरीके से जांच पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए। इसी वजह से फिलहाल आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया गया है।
देवेंद्रनाथ गुट ने भी आंदोलन वापस लिया
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर रांची में अलग-अलग छात्र गुट आंदोलन कर रहे थे। सोमवार देर शाम देवेंद्रनाथ गुट ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इसके बाद मंगलवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने भी अपना आंदोलन खत्म कर दिया। दोनों गुटों के आंदोलन खत्म होने के बाद राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा मौजूदा धरना फिलहाल थम गया है। हालांकि छात्रों ने साफ किया है कि वे सरकार की जांच और कार्रवाई पर नजर बनाए रखेंगे।
जांच में देरी हुई तो फिर सड़कों पर उतरेंगे छात्र
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सरकार को दो महीने की समयसीमा देकर फिलहाल आंदोलन समाप्त किया है, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा है। मंच के मुताबिक, अगर दो महीने में निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हुई या कार्रवाई से छात्र संतुष्ट नहीं हुए, तो फिर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस बार छात्रों की मुख्य मांग CBI जांच होगी। ऐसे में अगले दो महीने झारखंड सरकार और भर्ती परीक्षा व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने छात्रों से घर लौटने की अपील की
आंदोलन के बीच जिला प्रशासन ने भी छात्रों से धरना स्थल खाली कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की थी। प्रशासन की ओर से छात्रों से बुधवार दोपहर तक धरना स्थल खाली करने को कहा गया था। अब आंदोलन समाप्त होने के ऐलान के बाद धरना स्थल खाली होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिलहाल छात्रों ने सरकार को दो महीने की मोहलत दी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कितनी तेजी और निष्पक्षता से पूरी करती है।


