सारण: बिहार के सारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जिसका असर जिले की कई पंचायतों में दिखाई दे रहा है। बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि छपरा से मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाले NH-722 का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। मकेर क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे के करीब 3 से 4 किलोमीटर हिस्से में बाढ़ का पानी भर गया है। कई जगहों पर पानी की गहराई 3 से 5 फीट तक बताई जा रही है। इसके चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
बाढ़ के पानी में फंसे लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
NH-722 के आसपास रहने वाले कई लोगों के घर और रास्ते जलमग्न हो गए हैं। अचानक बढ़े पानी के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण बाढ़ के बीच फंस गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को मोटरबोट के साथ तैनात किया है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित इलाका काफी बड़ा है और मौजूदा राहत एवं बचाव दल पर्याप्त नहीं हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से और अधिक रेस्क्यू टीमों तथा नावों की व्यवस्था करने की मांग की है।
तेज बहाव के बीच सुरक्षित जगह की तलाश
बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच कई लोग सरकारी नाव का इंतजार करने के बजाय खुद ही सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। तेज बहाव वाले पानी के बीच पैदल निकलते लोगों की तस्वीरें स्थिति की गंभीरता को बयां कर रही हैं। बाढ़ से इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी प्रभावित हुए हैं। पानी से भरे रास्तों से लोग अपने पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी भी दो छोटे बच्चों को गोद में लेकर बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित जगह की ओर जाता नजर आया।
हैजलपुर में बांध क्षतिग्रस्त होने का ग्रामीणों का दावा
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, मकेर के हैजलपुर इलाके में बांध क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2020 में भी NH-722 पर बाढ़ का पानी पहुंचा था, लेकिन इस बार हालात कहीं अधिक गंभीर हैं। बाढ़ के कारण हजारों परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लोगों के सामने अपने परिवार के साथ-साथ मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित निकालने की चुनौती भी बनी हुई है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने की है। NDRF और SDRF की टीमें मोटरबोट के जरिए राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। फिलहाल, NH-722 पर पानी भरने से छपरा-मुजफ्फरपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित है, वहीं बाढ़ प्रभावित पंचायतों में राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रेस्क्यू टीमों की संख्या बढ़ाने और प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है।


