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IGRS जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी निस्तारण पर सख्त हुए मंडलायुक्त, कई विभागों से मांगा स्पष्टीकरण

आगरा। जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के फर्जी और संतोषजनक निस्तारण न होने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने पाया कि कई विभागों द्वारा शिकायतों का निस्तारण बिना उचित कार्रवाई और फरियादियों से संवाद किए किया जा रहा है, जिससे शिकायतकर्ता असंतुष्ट हैं।

समीक्षा के दौरान उप निदेशक पंचायत, सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), आबकारी विभाग, विद्युत विभाग और श्रम विभाग के निस्तारण पर फरियादियों ने असंतोष जताया। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए चेतावनी दी कि शिकायतकर्ता से बातचीत किए बिना किसी भी शिकायत का निस्तारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।

हालांकि, मंडल की समग्र रैंकिंग में सुधार दर्ज किया गया है। मंडल की रैंक 15वें स्थान से बढ़कर नौवें स्थान पर पहुंच गई है, जिसे प्रशासनिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है। बैठक के दौरान विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने मथुरा स्थित गो संरक्षण केंद्रों के लिए लंबित किस्त जारी करने और गोवंशों के उचित स्थानांतरण के निर्देश दिए। वहीं, पंचायतीराज विभाग को ओडीएफ प्लस योजना के तहत मॉडल गांव विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने चारों जिलों में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि मंडल के सात विद्यालयों में अभी तक चहारदीवारी नहीं बनी है, जबकि 1028 विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में देरी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, बाल सम्मान कोष योजना से जुड़े 153 मामले लंबित पाए गए, जिनके शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया।

बैठक में कर एवं राजस्व मामलों की भी समीक्षा की गई। वाणिज्य कर संग्रह में चारों जिलों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा आबकारी विभाग अपने मासिक राजस्व लक्ष्य को हासिल करने में पीछे रहे। हालांकि, परिवहन विभाग में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों की स्थिति में सुधार देखा गया। मंडलायुक्त ने चारों जिलों के जिलाधिकारियों को राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने और सबसे अधिक लंबित मामलों वाली तहसीलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त उमेश मणि त्रिपाठी, आगरा डीएम मनीष बंसल, फिरोजाबाद डीएम संतोष कुमार, मथुरा डीएम सीपी सिंह, मैनपुरी डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ प्रतिभा सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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