स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर बड़ा इतिहास रच दिया। दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने 10.83 सेकेंड के साथ रजत पदक जीतकर भारत की सफलता को और यादगार बना दिया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के खाते में अब कुल 15 पदक हो चुके हैं, जिनमें 3 स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारतीय दल से आने वाले दिनों में पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
दिलीप गावित बने इतिहास रचने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट
दिलीप गावित ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही वह महिला शॉट पुट F57 वर्ग में गोल्ड जीतने वाली शर्मिला के बाद पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट भी बन गए हैं। दिलीप ने 10.71 सेकेंड का समय निकालते हुए इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसने उनकी जीत को और भी खास बना दिया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
महाराष्ट्र के नासिक जिले के पास स्थित तोरण डोंगरी गांव के रहने वाले दिलीप गावित एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। बचपन में पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी थी। समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से उनका हाथ कोहनी के नीचे से काटना पड़ा। हालांकि इस कठिन परिस्थिति ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया। इससे पहले भी दिलीप ने एशियन पैरा गेम्स 2022 में पुरुषों की 400 मीटर T47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
गोल्ड जीतने के बाद पैरालंपिक पर नजर
स्वर्ण पदक जीतने के बाद दिलीप गावित ने कहा कि उनकी शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे अपनी रफ्तार बढ़ाई और आखिरकार जीत हासिल की। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण शरीर को तैयार करना आसान नहीं था और वार्मअप में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान नौकरी पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतने पर है। दिलीप ने भरोसा जताया कि जापान में होने वाले पैरा एशियाई खेलों और उसके बाद पैरालंपिक में वह इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर भारत के लिए और सफलता हासिल करेंगे।


