24 C
Agra
HomeदेशCJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मुलाकात पर तोड़ी चुप्पी, बोले- सुप्रीम...

CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मुलाकात पर तोड़ी चुप्पी, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने के ऐलान के बीच मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने मुलाकात को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से मुलाकात के लिए भेजे गए पत्र का जवाब पहले ही दिया जा चुका है। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट हर भारतीय नागरिक की याचिका सुनने के लिए उपलब्ध है। CJI सूर्यकांत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी दलों ने कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताओं को लेकर प्रधान न्यायाधीश से मिलने का समय मांगा था।

राहुल गांधी से मुलाकात पर क्या बोले CJI सूर्यकांत?

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें मुलाकात के अनुरोध से संबंधित पत्र एक दिन पहले मिला था। उन्होंने उसी रात पत्र का जवाब देते हुए मुलाकात नहीं कर पाने के कारणों की जानकारी दे दी थी। CJI ने कहा, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा।” उनके इस बयान के बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से उठाए गए चुनावी मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।

‘सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं’: CJI

मुलाकात से जुड़े सवालों के बीच CJI सूर्यकांत ने न्यायपालिका तक आम नागरिकों की पहुंच को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में किसी भी भारतीय नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है। अदालत संबंधित लोगों की चिंताओं को सुनेगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेगी। CJI के इस बयान को न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी मुद्दे पर अदालत में याचिका दायर करना और प्रधान न्यायाधीश से व्यक्तिगत मुलाकात करना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी CJI ने दी सफाई

जस्टिस सूर्यकांत ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सुप्रीम कोर्ट दौरे के रद्द होने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस मामले में हितों के टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक पहलुओं पर विचार करना आवश्यक था। उनके मुताबिक, उनके और वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों के बीच इस बात पर सामूहिक सहमति थी कि हितों के टकराव की किसी भी संभावित स्थिति से बचा जाना चाहिए। CJI के बयान से स्पष्ट है कि इस मामले में निर्णय लेते समय न्यायिक संस्थान की निष्पक्षता और हितों के टकराव से बचने के पहलू को ध्यान में रखा गया।

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने क्यों मांगा था मिलने का समय?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य CJI को एक ज्ञापन सौंपना था। इसमें चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कई मांगें उठाई गई थीं।

विपक्ष की ओर से ज्ञापन में प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल थीं:

  • कथित ‘वोट चोरी’ को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विचार किया जाए।
  • मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोका जाए।
  • चुनाव में दोबारा मतपत्र प्रणाली लागू करने की मांग पर विचार किया जाए।

विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही हो सकता है।

CJI के जवाब के बाद विपक्ष की रणनीति पर नजर

राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च करने के ऐलान तथा CJI सूर्यकांत के बयान ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है। एक ओर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर CJI ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को प्राप्त है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments