आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम गार्डन में श्रीश्याम परिवार सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को भावुक माहौल में समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी ने श्रद्धालुओं को निस्वार्थ प्रेम, भक्ति और मानवता का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी रिश्ते की वास्तविक शक्ति स्वार्थ नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम में होती है।
निस्वार्थ प्रेम से ही संभव है सच्ची भक्ति
जया किशोरी ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि किसी रिश्ते में स्वार्थ जुड़ जाए तो उसका महत्व समाप्त हो जाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन का उदाहरण देते हुए बताया कि संपूर्ण सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण ने प्रेम और कर्तव्य के कारण अर्जुन का सारथी बनना स्वीकार किया। वहीं, उन्होंने दुर्योधन के राजसी भोज को छोड़कर भक्त विदुर के घर सादगी से भोजन ग्रहण किया। उन्होंने लोकप्रिय भजन “सबसे ऊंची प्रेम सगाई” के माध्यम से समझाया कि भगवान की कृपा और भक्ति केवल छल-कपट से मुक्त, निस्वार्थ प्रेम से ही प्राप्त की जा सकती है।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, विदाई के समय भावुक हुआ माहौल
कथा के समापन अवसर पर “अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो”, “मीठे रस से भरियो री राधा रानी लागे” और “मोहन आवो तो सही” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते नजर आए। कथा विश्राम के बाद जब जया किशोरी विदा होने लगीं तो पंडाल का माहौल भावुक हो गया और कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख लोग मौजूद
समापन समारोह में बाबू रोशनलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, जयश्री मांगलिक, अनिल गुप्ता, विनीत मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, अर्पित गुप्ता, विपिन गुप्ता, अंजू मांगलिक, तनु मांगलिक और रेखा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


