आगरा: आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक में जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को प्रतिदिन कम से कम एक विद्यालय का अनिवार्य निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील का भोजन करें और इसकी फोटो भी उपलब्ध कराएं, ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
बैठक के दौरान डीएम ने अपार आईडी (APAAR ID) बनाने की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरती जा रही है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि नामांकन लक्ष्य के मुकाबले कम रहने पर संबंधित बीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने 31 जुलाई तक सभी विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करने और अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति और निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के अधिशासी अभियंता को तलब कर फटकार लगाई और निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में बेहतर कार्य करने वाले प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला के शैक्षिक स्टाफ को उत्कृष्ट विद्यालय सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन एआरपी (Academic Resource Person) को भी जिलाधिकारी ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।


