नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस (CP) इन दिनों गंभीर कारोबार संकट का सामना कर रहा है। छात्र आंदोलन और उसके चलते लागू कड़े सुरक्षा इंतजामों का सीधा असर बाजार की रौनक पर पड़ा है। ग्राहकों की आवाजाही घटने से दुकानदारों की बिक्री में 65 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वार्षिक सेल सीजन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सेल सीजन में कारोबार को बड़ा झटका
न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के अध्यक्ष अतुल भार्गव के अनुसार, आंदोलन के पहले दिन कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में केवल 20-25 प्रतिशत ही रहा। अगले दो दिनों में स्थिति में मामूली सुधार हुआ, लेकिन बिक्री सिर्फ 35-40 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी। उन्होंने बताया कि इस समय चल रही वार्षिक सेल व्यापारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण सीजन होती है, लेकिन मौजूदा हालात ने कारोबार को गहरा नुकसान पहुंचाया है।
सुरक्षा के चलते समय से पहले बंद हुईं दुकानें
ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने बुधवार को दुकानों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की सलाह दी थी। सामान्य दिनों में कनॉट प्लेस में सबसे अधिक खरीदारी शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे के बीच होती है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल और सुरक्षा कारणों से दुकानदारों को समय से पहले शटर गिराने पड़े।
मेट्रो स्टेशन बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के 16 से 17 स्टेशन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। इसका असर न केवल ग्राहकों की आवाजाही पर पड़ा, बल्कि दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कारोबारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए समय से पहले दुकानें बंद करना मजबूरी बन गया।
‘सुरक्षा पहले, कारोबार बाद में’
NDTA अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि व्यापार से अधिक महत्वपूर्ण कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा है। उनका कहना है कि यदि माहौल सुरक्षित नहीं होगा, तो कुछ घंटे अतिरिक्त दुकानें खोलने का कोई लाभ नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात जल्द सामान्य होंगे और कनॉट प्लेस में फिर से ग्राहकों की चहल-पहल लौटेगी।


