आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में 40 लाख रुपये की फिरौती के लिए दर्ज कराए गए नाबालिग के कथित अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश था, जिसे नाबालिग के पिता और उसके साथी ने मिलकर रचा था। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को नाबालिग के डांस क्लास से घर नहीं लौटने पर उसके पिता मनीष अग्रवाल ने बेटी के अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। हालांकि सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद नाबालिग सकुशल अपने घर लौट आई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गोपनीय जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिनसे फिरौती और अपहरण की कहानी पर संदेह गहरा गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मनीष अग्रवाल ने अपने साथी रजत गुप्ता के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी तैयार की थी। दोनों ने मिलकर पूरे घटनाक्रम को वास्तविक अपहरण का रूप देने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले की जानकारी एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने मीडिया को देते हुए बताया कि तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर साजिश का खुलासा हुआ है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


