आगरा। शाहदरा क्षेत्र के पुराने कूड़ाघर की जमीन पर विकसित किए गए बुद्ध पार्क में पहली ही बारिश के बाद दीवार गिरने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने पार्क परिसर में करीब दो घंटे तक प्रदर्शन कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया।
पहली बारिश में दीवार गिरने पर उठे सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल वाजपेयी ने आरोप लगाया कि बुद्ध पार्क के निर्माण में ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि पार्क की दीवार पहली ही बारिश में ढह गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्क में स्थापित भगवान बुद्ध के पांचों शिष्यों की क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं के सिरों को नए सिरे से बनाने के बजाय केवल चिपकाकर मरम्मत कर दी गई। साथ ही प्रतिमाओं का पेंट भी उखड़ने लगा है, जबकि पार्क में लगी टाइल्स और पत्थरों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।
ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
आप के महानगर अध्यक्ष दिलीप बंसल ने कहा कि निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के प्रमाणपत्रों और उसके पूर्व में किए गए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक न तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई हुई और न ही नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई जवाबदेही तय की गई।
मेयर पर लगाए मिलीभगत के आरोप
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मेयर पर भी निर्माण कार्य में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। आप नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक धन से बने बुद्ध पार्क में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी। प्रदर्शन में मुरली बाबा, मान सिंह, तरुण भार्गव, दीनदयाल बघेल, विशाल शर्मा, योगेंद्र, किशोर बाबू और ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


