33.8 C
Agra
Homeदेशस्पीकर ओम बिरला से मिले NCPI नेता, संसद में मान्यता और पार्टी...

स्पीकर ओम बिरला से मिले NCPI नेता, संसद में मान्यता और पार्टी कार्यालय पर हुई चर्चा

लोकसभा के मॉनसून सत्र से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए लोकसभा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। बैठक में संसद के भीतर पार्टी की व्यवस्था, सांसदों के बैठने की सीटिंग और नए संसद भवन में पार्टी कार्यालय के आवंटन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

20 सांसदों की सीटिंग और पार्टी कार्यालय पर चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने लोकसभा में NCPI के 20 सांसदों के बैठने की व्यवस्था को लेकर स्पीकर से बातचीत की। इसके साथ ही नए संसद भवन में पार्टी कार्यालय आवंटित किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब NCPI को NDA के सहयोगी दल के रूप में संसदीय मान्यता मिलने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सुदीप बंदोपाध्याय ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि जल्द ही स्पीकर कार्यालय को NCPI की संसदीय मान्यता के लिए औपचारिक सूचना सौंपी जा सकती है। पार्टी के नेताओं के 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।

TMC ने 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की

स्पीकर से NCPI नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी छोड़ने वाले 20 सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं दायर कर रखी हैं। लोकसभा में TMC के नेता अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर ओम बिरला को संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपते हुए इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।

TMC प्रमुख ममता बनर्जी का कहना है कि इन सांसदों ने दूसरी पार्टी में शामिल होकर स्वेच्छा से तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी है, इसलिए उन्हें लोकसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पीकर से यह भी आग्रह किया है कि खुद को TMC का अलग गुट बताने वाले किसी भी समूह को कोई आधिकारिक मान्यता या संसदीय सुविधा न दी जाए। हालांकि, सूत्रों के अनुसार स्पीकर के साथ हुई हालिया बैठक में अयोग्यता याचिकाओं पर कोई चर्चा नहीं हुई।

काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर TMC सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने संसद परिसर में कई बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां कीं और अनुचित व्यवहार किया। यह शिकायत 28 मई को भेजे गए पत्र के जरिए की गई थी। उस समय TMC के भीतर जारी अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आया था। कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों की आलोचना करते हुए उन्हें BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। हालांकि, कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया।

क्या है आगे की तस्वीर?

अब सबकी नजर लोकसभा स्पीकर के अगले फैसले पर है। एक ओर NCPI संसदीय मान्यता और संसदीय सुविधाओं की उम्मीद कर रही है, वहीं दूसरी ओर TMC दल-बदल विरोधी कानून के तहत 20 सांसदों की सदस्यता रद्द कराने की कोशिश में जुटी है। मॉनसून सत्र से पहले यह विवाद संसद की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments