मथुरा-वृंदावन में 28 संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई
मथुरा। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों और होटलों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार को संयुक्त प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए दो होटल समेत 12 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरियों को सील कर दिया। अचानक हुई जांच से कई संस्थानों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ जगहों पर विद्यार्थी अपने बैग छोड़कर बाहर निकल गए, जबकि कई संचालक ताला लगाकर मौके से फरार हो गए।
सुरक्षा मानकों की खुली पोल, बेसमेंट में चल रही थीं लाइब्रेरियां
सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र और एमवीडीए सचिव आशीष सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने बीएसए कॉलेज से भूतेश्वर तिराहे तक कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरियों और होटलों का निरीक्षण किया। जांच में कई संस्थान ऐसे मिले जहां प्रवेश और निकासी के लिए बेहद संकरे रास्ते थे। कई लाइब्रेरियां अवैध रूप से बेसमेंट में संचालित होती मिलीं, जहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। एक लाइब्रेरी में छोटे से बेसमेंट हॉल में 150 से अधिक छात्र कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाई करते मिले। वहीं विद्युत उपकरण और इनवर्टर के पास छात्रों की भीड़ सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा साबित हो सकती थी।
बायोमेट्रिक सिस्टम वाली लाइब्रेरियां भी आईं जांच के दायरे में
बीएसए कॉलेज क्षेत्र में संचालित ‘पहलवान’ और ‘दीक्षित’ लाइब्रेरियों में प्रवेश के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगा मिला। सदस्य अंगूठा लगाने के बाद ही अंदर प्रवेश कर सकते थे। प्रशासन ने इस व्यवस्था की भी जांच की, क्योंकि लखनऊ अग्निकांड में चर्चा में आए भवन में भी इसी तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आई थी। आकाश इंस्टीट्यूट सील, रोज आते हैं 600 से अधिक छात्र
भूतेश्वर तिराहे के पास स्थित आकाश इंस्टीट्यूट को भी प्रशासन ने सील कर दिया। जांच में पाया गया कि संस्थान में एमवीडीए और फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। भवन के अंदर छोटे-छोटे पार्टिशन बनाकर कक्षाएं संचालित की जा रही थीं और प्रवेश द्वार भी बेहद संकरा था। कार्रवाई के समय यहां 150 से अधिक छात्र मौजूद थे, जबकि प्रतिदिन करीब 600 विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।
दो विशेष टीमें कर रही हैं कार्रवाई
प्रशासन ने 10-10 सदस्यीय दो विशेष टीमों का गठन किया है। इनमें नगर निगम, एमवीडीए, पुलिस, विद्युत निगम और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। अभियान के दौरान अब तक दो दर्जन से अधिक संस्थानों की जांच की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार जिन भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं या जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिली है, उन्हें सील किया जा रहा है।
वृंदावन में 16 होटल और गेस्ट हाउस बंद
मथुरा के साथ-साथ वृंदावन में भी प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। फायर सेफ्टी और वैध दस्तावेजों की कमी मिलने पर 16 होटल और गेस्ट हाउसों को सील कर दिया गया। पापड़ी चौराहा क्षेत्र में स्थित कई प्रतिष्ठानों में न तो आग से बचाव के पर्याप्त साधन मिले और न ही स्वीकृत नक्शे उपलब्ध थे।


