नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट, 2010 (FCRA) के तहत विभिन्न उल्लंघनों पर लगने वाली कंपाउंडिंग पेनल्टी (जुर्माना) में संशोधन किया है। मंत्रालय ने धारा 41(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इस संबंध में नई अधिसूचना जारी की है।
प्रशासनिक खर्च की सीमा पार करने पर लगेगा जुर्माना
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई संस्था विदेशी योगदान का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रशासनिक खर्चों पर खर्च करती है, तो उसे भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा। ऐसे मामलों में 1 लाख रुपये या निर्धारित सीमा से अधिक खर्च की गई राशि का 5 प्रतिशत, जो भी अधिक होगा, जुर्माने के रूप में देना होगा।
सट्टेबाजी और जोखिम भरे निवेश पर सख्त कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशी फंड का उपयोग सट्टेबाजी, जोखिम भरे निवेश या अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों में करने पर 1 लाख रुपये या निवेशित राशि का 30 प्रतिशत, जो भी अधिक होगा, जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा ऐसी गतिविधियों से हुई पूरी कमाई भी सरकार द्वारा वसूली जाएगी।
फंड के गलत इस्तेमाल पर 30% तक पेनल्टी
यदि किसी NGO द्वारा विदेशी योगदान का उपयोग उस उद्देश्य के अलावा किसी अन्य कार्य में किया जाता है, जिसके लिए फंड प्राप्त हुआ था, तो डायवर्ट की गई राशि का 30 प्रतिशत या 1 लाख रुपये, जो भी अधिक होगा, जुर्माना देना होगा। इसी प्रकार बिना अनुमति विदेशी योगदान स्वीकार करने, नियमों के विरुद्ध उसका उपयोग करने या किसी ऐसे राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश में खर्च करने पर भी समान दंड लागू होगा, जिसके लिए संस्था को अनुमति नहीं मिली है।
विदेशी फंड पाने के लिए आवेदन प्रक्रिया में बदलाव
सरकार ने विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। अब FCRA के तहत पंजीकरण या पूर्व अनुमति (Prior Permission) के लिए आवेदन करते समय संस्थाओं को पहले से निर्धारित सूची में से अपने उद्देश्य और कार्यक्षेत्र का चयन करना होगा।
धर्म परिवर्तन गतिविधियां रजिस्ट्रेशन के दायरे से बाहर
संशोधित नियमों में कई धार्मिक गतिविधियों को अनुमति दी गई है, लेकिन धर्म परिवर्तन (Proselytisation) को स्पष्ट रूप से उन श्रेणियों से बाहर रखा गया है, जिनके आधार पर कोई संस्था FCRA पंजीकरण प्राप्त कर सकती है।
विदेशी नागरिक पदाधिकारी होने पर रजिस्ट्रेशन मुश्किल
गृह मंत्रालय ने कहा है कि जिन संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों में भारतीय मूल के लोगों के अलावा विदेशी नागरिक शामिल होंगे, उनके FCRA रजिस्ट्रेशन या पूर्व अनुमति आवेदन पर सामान्यतः विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि सरकार ने विशेष परिस्थितियों के लिए एक अपवाद भी रखा है। केंद्र सरकार आवश्यक समझे जाने पर आदेश जारी कर ऐसे मामलों में विदेशी नागरिकों को संस्था के प्रमुख पदाधिकारी के रूप में कार्य करने की अनुमति दे सकती है।
NGOs पर बढ़ेगी जवाबदेही
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए प्रावधानों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना, धन के दुरुपयोग को रोकना और NGOs की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नए नियमों के लागू होने के बाद विदेशी योगदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं को वित्तीय प्रबंधन और अनुपालन पर अधिक ध्यान देना होगा।


