31.3 C
Agra
Homeदेशवायनाड में बारिश बनी आफत: टनल निर्माण स्थल पर भूस्खलन, 3 की...

वायनाड में बारिश बनी आफत: टनल निर्माण स्थल पर भूस्खलन, 3 की मौत, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका

केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। मंगलवार सुबह मेप्पाडी क्षेत्र में टनल निर्माण स्थल के पास हुए भीषण भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल मौके पर लगातार अभियान चला रहे हैं और अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, मेप्पाडी के कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी पुल के पास टनल निर्माण का कार्य चल रहा था। खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में मिट्टी का ढेर जमा हो गया था। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण यह मिट्टी और आसपास की पहाड़ी का हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। भूस्खलन इतना तेज था कि सड़क, पास की नदी और मजदूरों के अस्थायी शिविर इसकी चपेट में आ गए। निर्माण स्थल पर मौजूद स्थानीय मजदूरों को लाने वाली दो बसें भी मलबे की जद में आ गईं। हालांकि शुरुआती अनुमान है कि सुबह का समय होने के कारण कई मजदूर समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर भागने में सफल रहे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। फिर भी कई लोगों के लापता होने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन जारी है।

राहत और बचाव अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू टीम और अन्य आपदा राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है। प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता।

भूस्खलन क्या होता है?

भूस्खलन (Landslide) एक प्राकृतिक आपदा है, जिसमें पहाड़ या ढलान से चट्टानें, मिट्टी, गाद और मलबा गुरुत्वाकर्षण के कारण तेजी से नीचे की ओर खिसक जाता है। यह कुछ ही सेकंड में भारी तबाही मचा सकता है।

भूस्खलन के प्रमुख कारण

  • लगातार या अत्यधिक बारिश
  • भूकंप के झटके
  • बर्फ का तेजी से पिघलना
  • ज्वालामुखीय गतिविधियां
  • नदी या समुद्र द्वारा पहाड़ियों का कटाव
  • प्राकृतिक अपक्षय (Weathering)
  • इसके अलावा कई मानवीय गतिविधियां भी भूस्खलन के खतरे को बढ़ाती हैं, जैसे—
  • अंधाधुंध वन कटाई
  • खनन गतिविधियां
  • सड़क, सुरंग और बांध निर्माण
  • अनियोजित शहरीकरण

भूस्खलन के प्रमुख प्रकार

विशेषज्ञ भूस्खलन को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटते हैं—

  • रॉक फॉल (Rock Fall): चट्टानों का सीधे नीचे गिरना।
  • स्लाइड (Slide): मिट्टी या चट्टानों का एक साथ खिसकना।
  • फ्लो (Flow): मिट्टी और पानी का बहाव के रूप में नीचे आना।
  • टॉपल (Topple): चट्टानों का आगे की ओर झुककर गिरना।

भूस्खलन से बचाव कैसे करें?

भूस्खलन के खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही योजना और सतर्कता से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • ढलानों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए।
  • रिटेनिंग वॉल और मजबूत ड्रेनेज सिस्टम विकसित किए जाएं।
  • संवेदनशील इलाकों में नेटिंग और ढलान संरक्षण तकनीक अपनाई जाए।
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा जोखिम मानचित्रण और समय रहते चेतावनी प्रणाली लागू की जाए।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments