मुंबई/डोंबिवली: महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में महिला डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बन गया है। घटना के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं, डॉक्टर संगठनों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
रमेश म्हात्रे ने मारपीट के आरोपों को बताया गलत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमेश म्हात्रे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि CCTV फुटेज के कैमरा एंगल की वजह से ऐसा प्रतीत हो सकता है कि उन्होंने डॉक्टर पर हाथ उठाया, जबकि वास्तविकता ऐसी नहीं है। म्हात्रे ने कहा कि संबंधित महिला डॉक्टर उनकी बात सुनने के बजाय लगातार मोबाइल फोन पर व्यस्त थीं। उनका दावा है कि उन्होंने केवल उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए हाथ पर हल्का-सा थपथपाया था, किसी प्रकार की मारपीट नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना पर खेद है, लेकिन उन्होंने किसी महिला डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया। साथ ही उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता भी बताई।
सांसद श्रीकांत शिंदे बोले- कानून हाथ में लेने वालों को नहीं मिलेगी राहत
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात लोगों की सेवा करते हैं और उनके साथ हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में FIR दर्ज हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पार्टी कार्यकर्ता दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
विधायक संजय गायकवाड़ का बयान भी चर्चा में
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा कि कई बार अस्पतालों में इलाज में देरी या लापरवाही के कारण लोगों में गुस्सा पैदा हो जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि किसी भी स्थिति में हाथ उठाना उचित नहीं है। उन्होंने महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि सरकारी संस्थानों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनके समाधान के लिए शिकायत और संवाद की व्यवस्था मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में डॉक्टरों या स्वास्थ्यकर्मियों पर शारीरिक हमला स्वीकार्य नहीं है और सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।
कांग्रेस और NCP ने सरकार को घेरा
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि यह घटना सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। उनका कहना है कि डॉक्टरों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित मारपीट बेहद गंभीर मामला है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि यदि किसी को अस्पताल की कार्यप्रणाली से शिकायत थी तो उसका समाधान बातचीत से किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
डॉक्टर संगठन FAIMA ने जताई नाराजगी
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में डॉक्टर लगातार असुरक्षा के माहौल में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ने से चिकित्सा समुदाय में तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा हो रही है। उनका कहना है कि जब तक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद करना मुश्किल होगा।
क्या है पूरा मामला?
- डोंबिवली के KDMC शास्त्रीनगर अस्पताल में कथित विवाद के दौरान महिला डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से अभद्रता और मारपीट के आरोप लगे।
- घटना के बाद शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की।
- CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया।
- सरकार ने जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, जबकि विपक्ष ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताया है।
- डॉक्टर संगठनों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।


