उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की हत्या की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके इकलौते बेटे सुब्रत मिनोचा ने रची थी। पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों और आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले की जांच के दौरान कारोबारी की बहू और सुब्रत की पत्नी शालू की हत्या की साजिश में प्रत्यक्ष भूमिका के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है। ऐसे में पुलिस उसकी रिहाई के लिए अदालत में अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
कर्ज और महंगे शौक ने बढ़ाई सुब्रत की मुश्किलें
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि सुब्रत को शराब, जुआ और सट्टे की कथित लत थी। महंगे शौक और अपना सामाजिक स्तर बनाए रखने की कोशिश में उस पर लगातार कर्ज बढ़ता गया। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अलग-अलग बैंकों से करीब 40 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसकी मासिक किस्त लगभग 55 हजार रुपये बताई जा रही है। कारोबारी विनीत मिनोचा अपने बेटे को खर्च के लिए हर महीने करीब 40 हजार रुपये देते थे। पुलिस का यह भी कहना है कि सुब्रत की पत्नी शालू ने पति की आर्थिक मदद करने के लिए अपने पिता नरेश अरोड़ा से करीब 14 लाख रुपये दिलवाए थे। इसके बावजूद सुब्रत की आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं हुईं।
पिता की संपत्ति को लेकर था बड़ा डर?
पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता के निजी जीवन को लेकर भी कई दावे किए। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने आरोप लगाया कि उसके पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और इसी वजह से उसकी मां उनसे अलग रहती थीं। सुब्रत ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसके पिता ने उसे गोवा की कुछ पार्टियों की तस्वीरें भी दिखाई थीं। इसी आधार पर उसे आशंका थी कि उसके पिता भविष्य में किसी महिला से शादी कर सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को डर था कि ऐसी स्थिति में परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति में नया वारिस शामिल हो सकता है। हालांकि, पुलिस अभी इस एंगल की जांच कर रही है कि क्या संपत्ति को लेकर आशंका वास्तव में हत्या की साजिश की मुख्य वजह थी या नहीं।
नौकर के बयान से जांच की दिशा बदली
विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने पहले कारोबारी के नौकर विशाल और उसके कथित साथी राज किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विशाल ने दावा किया कि उसने सुब्रत के कहने पर कारोबारी की हत्या की। कथित तौर पर हत्या के बदले उसे छह लाख रुपये देने का वादा किया गया था। पुलिस का दावा है कि सुब्रत ने विशाल से यह भी कहा था कि यदि वह पकड़ा जाए तो हत्या का आरोप उसकी पत्नी शालू पर लगा दिया जाए। इसी बयान के बाद जांच का रुख सुब्रत की ओर मुड़ा और पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।
शालू और विशाल के सामने हुई सुब्रत से पूछताछ
पुलिस ने बुधवार को शालू, विशाल और राज किशोर को 24 घंटे की रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान शालू और विशाल के सामने सुब्रत का सामना भी कराया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान शालू भावुक हो गई और उसने अपने पति पर उसे हत्या के मामले में फंसाने का आरोप लगाया। इसके बाद तीनों को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने अलग-अलग और आमने-सामने कई चरणों में पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए बयानों और जांच के दौरान जुटाए गए अन्य तथ्यों के आधार पर सुब्रत की भूमिका को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
हत्या के मामले में शालू को क्यों मिल सकती है राहत?
मामले की शुरुआती जांच में शालू का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में रिमांड पर भी लिया। लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश में शालू की प्रत्यक्ष भूमिका साबित करने वाले पर्याप्त तथ्य नहीं मिले। इसी वजह से अब पुलिस शालू को मामले में क्लीन चिट देने और उसकी रिहाई के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर, सुब्रत को पिता विनीत मिनोचा की हत्या की कथित साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी योजना कैसे बनाई गई, कथित छह लाख रुपये के लेनदेन का क्या हुआ और वारदात में अन्य लोगों की भूमिका कितनी थी।


