28.8 C
Agra
Homeदुनियाईरान का दावा- कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी...

ईरान का दावा- कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले, THAAD और Patriot सिस्टम को निशाना बनाने का दावा

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना ने गुरुवार को कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका की लगातार सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या अन्य स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है।

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले का दावा

ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, IRGC ने बयान जारी कर कहा कि जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। संगठन का दावा है कि इस हमले में अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम का रडार नष्ट कर दिया गया। IRGC ने यह भी दावा किया कि हमले में Patriot मिसाइल रक्षा प्रणाली, C-RAM रडार, ईंधन टैंक, हेलीकॉप्टर उपकरणों के गोदाम और हेलीकॉप्टरों की मरम्मत एवं रखरखाव केंद्र को भारी नुकसान पहुंचा है।

जॉर्डन की जनता के नाम जारी किया संदेश

हमले के बाद IRGC ने जॉर्डन की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान जॉर्डन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। हालांकि, उसके अनुसार जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी ही उस देश की संप्रभुता का उल्लंघन है। IRGC ने अपने बयान में कहा कि जो देश ईरान पर हमला करेंगे, उन्हें जहां से भी हमला किया जाएगा, वहीं जवाब दिया जाएगा।

कुवैत में तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

दूसरी ओर, ईरानी सेना ने ‘ऑपरेशन लाइटनिंग’ के 23वें चरण की घोषणा करते हुए कहा कि उसने ड्रोन हमलों के जरिए कुवैत में स्थित तीन अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया।

ईरानी सेना के अनुसार हमले में इन ठिकानों को टारगेट किया गया—

  • दोहा बेस के गोला-बारूद और लॉजिस्टिक्स डिपो
  • अली अल सलेम एयर बेस के ईंधन टैंक
  • कैंप अरिफजान के गोला-बारूद भंडार

सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की लगातार सैन्य आक्रामकता के जवाब में की गई है।

MQ-9 ड्रोन हैंगर और पैट्रियट सिस्टम पर हमला करने का भी दावा

IRGC ने एक अन्य बयान में दावा किया कि कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया। संगठन के मुताबिक हमले में सैन्य उपकरणों के गोदाम, Patriot मिसाइल डिफेंस सिस्टम, MQ-9 रीपर ड्रोन के हैंगर, हेलीकॉप्टर शेल्टर और संचार केंद्रों को नुकसान पहुंचा। संगठन ने यह भी कहा कि उसके हमले केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे और इससे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं हुआ।

लगातार 12वीं रात अमेरिका ने भी की सैन्य कार्रवाई

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को जानकारी दी कि उसने ईरान के खिलाफ लगातार 12वीं रात भी सैन्य अभियान चलाया। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में ईरान की समुद्री सैन्य क्षमता, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, तटीय निगरानी ठिकानों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इन अभियानों से ईरान की समुद्री हमले की क्षमता कमजोर हुई है।

ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा

अमेरिकी सैन्य कमान का कहना है कि इस महीने ईरान के भीतर दर्जनों सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही, दोनों देशों के बीच पहले हुए 14 सूत्रीय समझौते के समाप्त होने के बाद ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी भी दोबारा लागू कर दी गई है। CENTCOM के अनुसार, अब तक कई व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला गया है ताकि वे ईरानी बंदरगाहों तक न पहुंच सकें। अमेरिका का यह भी कहना है कि पश्चिम एशिया में उसके 50,000 से अधिक सैनिक तैनात हैं और वे किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments