आगरा में बढ़ती बिजली मांग और उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 के बिजनेस प्लान में बड़ा निवेश किया गया है। बिजली विभाग ने 58.19 करोड़ रुपये की लागत से पूरे क्षेत्र में 1,062 विकास कार्य कराने की योजना बनाई है। इस परियोजना का उद्देश्य ओवरलोडिंग, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग जैसी समस्याओं को खत्म कर बिजली नेटवर्क को आधुनिक बनाना है।
इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
विभाग की महायोजना के तहत आगरा शहर, सिकंदरा, लखनपुर, किरावली, खेरागढ़, फतेहाबाद, बाह और एत्मादपुर सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं को बेहतर और अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
सिकंदरा और लखनपुर में बनेंगे नए सबस्टेशन
बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए 17.22 करोड़ रुपये की लागत से सिकंदरा और लखनपुर में दो नए 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे। विभाग का दावा है कि इनके शुरू होने से मौजूदा सबस्टेशनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा और ओवरलोडिंग की समस्या में राहत मिलेगी।
इसके अलावा:
- 3 मौजूदा सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाने पर 3.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- 3 नई 33 केवी बिजली लाइनें बिछाने के लिए 4.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पुरानी बिजली लाइनों का होगा सुदृढ़ीकरण
ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए 33 केवी और 11 केवी की जर्जर लाइनों के सुधार और सुदृढ़ीकरण के 199 कार्य चिन्हित किए गए हैं। इन कार्यों पर 5.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे तकनीकी खराबियों और बिजली बाधित होने की घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
229 नए ट्रांसफार्मर, 560 की क्षमता होगी दोगुनी
लो-वोल्टेज की समस्या से राहत दिलाने के लिए विभाग 7.79 करोड़ रुपये की लागत से 229 नए ट्रांसफार्मर लगाएगा। वहीं, पहले से संचालित 560 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने पर 15.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि बढ़ते लोड को आसानी से संभाला जा सके।
ट्रिपिंग-मुक्त बिजली नेटवर्क बनाने की तैयारी
बिजनेस प्लान में एलटी नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, सबस्टेशन सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और 11 केवी वीसीबी (Vacuum Circuit Breaker) लगाने जैसे कई तकनीकी कार्य भी शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य आगरा के बिजली नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और ट्रिपिंग-मुक्त बनाना है।


