ऑस्कर विजेता फिल्ममेकर Costa-Gavras भी हुए SS Rajamouli के मुरीद, पेरिस में मिला ऐतिहासिक सम्मान
भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशकों में शुमार एसएस राजामौली ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर ली है। ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी और ऑस्कर विजेता फिल्म ‘आरआरआर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए दुनियाभर में भारतीय सिनेमा का परचम लहराने वाले राजामौली को अब फ्रांस के प्रतिष्ठित फिल्म संस्थान Cinémathèque Française में स्थायी रूप से सम्मानित किया गया है।
दुनिया के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित फिल्म संस्थानों में गिने जाने वाले इस संस्थान में जगह मिलना किसी भी फिल्मकार के लिए बेहद गौरव की बात मानी जाती है। अपनी भव्य कहानी कहने की शैली, विजुअल स्केल और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की अनूठी क्षमता के कारण एसएस राजामौली को यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।
इस अवसर को और भी यादगार बनाते हुए, ऑस्कर विजेता ग्रीक-फ्रेंच फिल्म निर्माता कोस्टा-गावरास ने भी राजामौली के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। जानकारी के अनुसार, कोस्टा-गावरास ने राजामौली की फिल्मों को करीब आठ घंटे तक देखा और इसके बाद उनकी मास्टरक्लास में भी पूरे समय मौजूद रहे। यह घटना राजामौली के सिनेमा के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाती है।
इस खास उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए एसएस राजामौली ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पेरिस में आमंत्रित किया जाना और उनकी फिल्मों की स्क्रीनिंग होना ही उनके लिए एक बड़ा सम्मान था, लेकिन यह सम्मान उनके लिए एक अप्रत्याशित और भावनात्मक पल बन गया। राजामौली ने अपने संदेश में कहा, “इस भावना को शब्दों में व्यक्त करना मेरे लिए आसान नहीं है। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम से जुड़े दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह मिलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।”
उन्होंने आगे कोस्टा-गावरास और पूरी Cinémathèque Française टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा को मिले इस सम्मान को वह जीवनभर संजोकर रखेंगे। एसएस राजामौली की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का एक और स्वर्णिम अध्याय है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की बढ़ती प्रतिष्ठा और स्वीकार्यता का भी एक मजबूत प्रमाण है।


