गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कविनगर थाने में कथित ₹5,000 करोड़ के निवेश घोटाले को लेकर बड़ा मामला दर्ज किया गया है। अधिवक्ता महेश कुमार वर्मा की शिकायत पर वैदिक आयुरक्योर कंपनी और एक्सिस ई-कॉर्पोरेशन से जुड़े 10 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि कंपनियों ने आकर्षक रिटर्न और भारी छूट का लालच देकर सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की।
निवेश पर हर महीने रिटर्न और 33% छूट का दिया गया था लालच
एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि कंपनियों ने 9,000 रुपये की आईडी खरीदने पर हर महीने 1,100 रुपये का भुगतान करने का वादा किया था। इसके अलावा घरेलू उपयोग के सामान पर 33 प्रतिशत तक छूट देने का भी दावा किया गया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ा और बड़ी संख्या में निवेश होने लगा।
बैठकों और ग्रोसरी स्टोर के जरिए बनाया भरोसा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी पंकज सोनी सेठ ने गाजियाबाद में कई निवेशक बैठकें आयोजित कीं। कंपनियों ने अपनी विश्वसनीयता दिखाने के लिए ग्रोसरी स्टोर भी शुरू किए। निवेशकों से इन स्टोरों के नाम पर लाखों रुपये के एग्रीमेंट कराए गए। आरोप है कि कुछ समय बाद कंपनियों ने अपना संचालन धीरे-धीरे बंद कर दिया और निवेशकों का पैसा फंस गया।
सीईओ पर दुबई भागने का आरोप
महेश कुमार वर्मा का आरोप है कि कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैजान खान दुबई चले गए हैं। उनका कहना है कि फैजान खान व्हाट्सएप वीडियो के जरिए निवेशकों को पैसे लौटाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन कंपनी का ऑनलाइन सिस्टम भी बंद कर दिया गया, जिससे निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं।
कई जिलों में पहले से दर्ज हैं मामले
एफआईआर में फैजान खान समेत कुल 10 लोगों को कथित साजिश का मुख्य आरोपी बनाया गया है। शिकायत में दावा किया गया है कि इन आरोपियों के खिलाफ देश के कई जिलों में पहले से भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का निवेश
शिकायतकर्ता महेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वयं 6.50 लाख रुपये का निवेश किया था। इसके अलावा हरिश हितैषी ने 2 लाख रुपये, मांगेराम ने 3 लाख रुपये, जबकि संजय (एलआईसी, पिलखुवा) और उनके स्टाफ ने करीब 36 लाख रुपये निवेश किए। वहीं आनंद राणा की टीम द्वारा लगभग 1 करोड़ रुपये लगाए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि गाजियाबाद जिले के सैकड़ों लोगों ने इन कंपनियों में करोड़ों रुपये का निवेश किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक हरिओम को सौंपी है। जांच के दौरान निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


