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सितंबर तिमाही में महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा के सामान, कंपनी ने दिए संकेत

नई दिल्ली: रोजमर्रा की जरूरतों में इस्तेमाल होने वाले कई FMCG उत्पाद जल्द महंगे हो सकते हैं। देश की प्रमुख FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने संकेत दिए हैं कि सितंबर तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान विभिन्न प्रोडक्ट कैटेगरी में 2% से 5% तक कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह फैसला चरणबद्ध तरीके से लिया जाएगा।

सितंबर तिमाही में 2-5% तक बढ़ सकती हैं कीमतें

HUL के शीर्ष प्रबंधन के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही की तुलना में चालू तिमाही में कई उत्पादों की कीमतों में 2% से 5% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कंपनी का फोकस कीमतों में संतुलित वृद्धि करते हुए बिक्री की मात्रा (Volume Growth) को बनाए रखने पर रहेगा।

किन-किन उत्पादों पर पड़ सकता है असर?

हिंदुस्तान यूनिलीवर भारत में दैनिक उपयोग के सैकड़ों उत्पाद बेचती है। संभावित मूल्य वृद्धि का असर निम्न कैटेगरी पर पड़ सकता है:

  • डिटर्जेंट और वॉशिंग पाउडर
  • साबुन और शैम्पू
  • टूथपेस्ट और स्किन केयर प्रोडक्ट्स
  • चाय और कॉफी
  • हेल्थ ड्रिंक
  • फ्लोर क्लीनर
  • जैम, सूप और अन्य पैकेज्ड फूड

कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड्स में Surf Excel, Wheel, Rin, Vim, Lifebuoy, Lux, Dove, Sunsilk, Clinic Plus, Pepsodent, Closeup, Red Label, Taj Mahal Tea, Bru, Horlicks, Boost, Vaseline, Lakmé, Ponds, Pears, Hamam, Indulekha, Kissan Jam और Knorr Soup शामिल हैं।

पहली तिमाही में भी बढ़ी थीं कीमतें

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भी HUL ने अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों में 2% से 5% तक कीमतों में बढ़ोतरी की थी। कंपनी का कहना है कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट के बावजूद उसने महंगाई का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला।

CEO प्रिया नायर ने क्या कहा?

HUL की CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रिया नायर ने तिमाही नतीजों के बाद कहा कि कंपनी “संतुलित और चरणबद्ध” तरीके से कीमतों में बदलाव करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता Volume Growth यानी अधिक से अधिक बिक्री बनाए रखना है। प्रिया नायर के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, मानसून की स्थिति और अल नीनो जैसे मौसम संबंधी कारकों के कारण लागत पर दबाव बना हुआ है। कंपनी इन सभी परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रही है।

सितंबर तिमाही में महंगाई बढ़ने की आशंका

कंपनी का अनुमान है कि सितंबर तिमाही के दौरान इनपुट कॉस्ट में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से आने वाले महीनों में कुछ उत्पादों की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती हैं।

ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर?

यदि HUL कीमतें बढ़ाती है तो रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई FMCG उत्पाद महंगे हो सकते हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ कम से कम डालने की कोशिश करेगी और कीमतों में बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

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