पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अभिनेत्री से नेता बनीं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है। कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है।
राज्यसभा में TMC की संख्या घटकर 9
कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की संख्या घटकर 9 रह गई है। इससे पहले भी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
भाजपा ने उपचुनाव के लिए उतारे तीन उम्मीदवार
इसी बीच भाजपा ने पश्चिम बंगाल से होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक को उम्मीदवार बनाया है। तीनों नेताओं ने सोमवार को विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने उम्मीदवारों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
TMC छोड़ भाजपा में पहुंचे तीनों नेता
राज्यसभा की जिन तीन सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, वे सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद तीनों नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी और 9 जुलाई को भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उसी दिन उन्हें राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित कर दिया। अब लगभग एक महीने बाद तीनों नेता भाजपा के टिकट पर दोबारा राज्यसभा पहुंचने की तैयारी में हैं।
भाजपा की रणनीति में बदलाव के संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के उन नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, जिन्हें पार्टी राजनीतिक रूप से विश्वसनीय और भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त मानती है। विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला बड़ा मौका है, जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेताओं को भाजपा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए राज्यसभा चुनाव में उतारा है।
सुष्मिता देव ने भाजपा नेतृत्व का जताया आभार
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार सुष्मिता देव ने पार्टी नेतृत्व और विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें “परिवार जैसा माहौल” मिला है। सुष्मिता देव ने बताया कि शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाने, संसद में प्रभावी ढंग से मुद्दे उठाने और पार्टी विधायकों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका जन्म भले ही असम के सिलचर में हुआ हो, लेकिन पश्चिम बंगाल के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
24 जुलाई को होगा मतदान
पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। इस उपचुनाव पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसके नतीजे राज्यसभा में दलों की संख्या के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर को भी प्रभावित कर सकते हैं।


