BIMSTEC सुरक्षा बैठक: आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर सात देशों की अहम चर्चा
नई दिल्ली में BIMSTEC सुरक्षा प्रमुखों की बैठक, अजीत डोभाल ने साझा सुरक्षा रणनीति पर दिया जोर
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को BIMSTEC (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और उभरती चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने की रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधियों ने संयुक्त फोटो सत्र में हिस्सा लेने के बाद आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। नेपाल की ओर से गृह सचिव राज कुमार श्रेष्ठ, थाईलैंड की ओर से नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल चतचाई बांगचौड, श्रीलंका की ओर से रक्षा मंत्रालय के सचिव एयर वाइस मार्शल संपत थुयाकोंथा, म्यांमार की ओर से राष्ट्रपति कार्यालय के मंत्री टिन आंग सान और भूटान की ओर से गृह सचिव सोनम वांग्येल ने प्रतिनिधित्व किया।
बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. शम्सुल इस्लाम ने किया, जबकि भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज़ हमीदुल्लाह भी बैठक में मौजूद रहे। भूटान के प्रतिनिधिमंडल में भारत में भूटान के राजदूत मेजर जनरल वेट्सोप नामग्येल भी शामिल थे। बैठक से एक दिन पहले थाईलैंड के सेक्रेटरी जनरल चतचाई बांगचौड ने NSA अजीत डोभाल से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने खुफिया जानकारी साझा करने, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।
बैठक को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में बढ़ते संघर्ष, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और तेजी से बदलती तकनीक के बीच BIMSTEC देशों को आपसी सहयोग और समन्वय को और मजबूत करना होगा। उन्होंने सदस्य देशों से साझा हितों की रक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।


