महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि बिजली उपभोक्ताओं के पुराने बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि राज्य सरकार किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करेगी, जिससे लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
7.5 हॉर्स पावर तक के कृषि कनेक्शनों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 7.5 हॉर्स पावर तक के कृषि बिजली कनेक्शनों पर वर्षों से बकाया बिल दर्ज हैं। ये बकाया सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद हैं और बिजली वितरण कंपनी कभी भी वसूली की कार्रवाई कर सकती है। इसी स्थिति को समाप्त करने के लिए सरकार ने सभी पात्र किसानों का पुराना बकाया बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया है। फडणवीस ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों का पुराना वित्तीय बोझ पूरी तरह खत्म हो, ताकि वे नई शुरुआत कर सकें और खेती में बेहतर निवेश कर अपने भविष्य को मजबूत बना सकें।
76% किसानों को मिल रही बिजली, लक्ष्य 100% का
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में महाराष्ट्र के लगभग 76 प्रतिशत किसानों को बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में राज्य के 100 प्रतिशत किसानों तक बिजली पहुंचाना है। इसके लिए सौर कृषि वाहिनी और कृषि पंप जैसी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम
फडणवीस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली बिल माफ करना नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उनका मानना है कि जब किसानों पर पुराने बिजली बिल का बोझ नहीं रहेगा, तब वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक निवेश कर सकेंगे।
सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सस्ती, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सौर ऊर्जा आधारित कृषि योजनाओं के विस्तार के माध्यम से सरकार कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
पहले भी किसानों को मिली थी बड़ी राहत
गौरतलब है कि इससे पहले भी महाराष्ट्र सरकार किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 56 लाख किसानों के 36,585 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का दावा कर चुकी है। अब बिजली बिल माफी की इस नई घोषणा को किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।


