नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा संभावित परिसीमन (Delimitation) विधेयक लाए जाने की चर्चाओं के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP-SP ने अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विधेयक का अंतिम मसौदा सामने आने से पहले किसी भी तरह की अटकलों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। सुप्रिया सुले ने कहा कि मीडिया में पार्टी के समर्थन को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे केवल ‘सूत्रों’ के हवाले से हैं और पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “जब तक नया विधेयक सामने नहीं आता, तब तक हम उस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।”
महिला आरक्षण विधेयक का दिया उदाहरण
सुले ने कहा कि NCP-SP ने पहले भी महिला आरक्षण विधेयक का पूरी मजबूती से समर्थन किया था। उनका कहना था कि पार्टी हमेशा संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अपना फैसला लेती है।
जनसंख्या आधारित परिसीमन पर जताई चिंता
परिसीमन को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय हो सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की ओर से आयोजित सर्वदलीय बैठक में प्रत्येक राज्य के लिए 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का एक प्रस्ताव चर्चा में आया था। उनके अनुसार, यदि यह फॉर्मूला लागू होता है तो महाराष्ट्र की लोकसभा सीटें 48 से बढ़कर 72 हो सकती हैं।
NDA में शामिल होने की अटकलों का किया खंडन
सुप्रिया सुले ने पार्टी के एनडीए में शामिल होने की अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके किसी भी नेता ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने कहा, “पहले हमें कांग्रेस में विलय की बात कही गई, फिर बीजेपी में जाने की चर्चा हुई, अब तो सिर्फ मनसे ही बची है। हमारे किसी भी नेता ने कभी NDA में शामिल होने की बात नहीं कही और हम NDA में शामिल नहीं होंगे।”
सूत्रों के दावे से बढ़ी थी चर्चा
इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि यदि परिसीमन संशोधन विधेयक के तहत देशभर में लोकसभा सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव आता है, तो शरद पवार गुट इस विधेयक का समर्थन कर सकता है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि पार्टी के भीतर एक धड़ा सरकार के रुख के साथ जाने का पक्षधर है। ऐसे में संभावित आंतरिक मतभेदों से बचने के लिए केवल विधेयक का समर्थन करने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सुप्रिया सुले के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि NCP-SP ने अभी तक परिसीमन विधेयक पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और पार्टी विधेयक का आधिकारिक मसौदा सामने आने के बाद ही अपना रुख तय करेगी।


