36.4 C
Agra
Homeदुनियाभारत-जापान संबंधों को मिली नई मजबूती: पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री...

भारत-जापान संबंधों को मिली नई मजबूती: पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच AI और रक्षा सहयोग पर अहम समझौते

नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की मौजूदगी में नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में कई महत्वपूर्ण सहयोग समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का स्वागत करते हुए उन्हें अपनी “खूबसूरत छोटी बहन” बताया। उन्होंने कहा कि भारत की यात्रा पर आईं ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी एवं लोकप्रिय नेता के रूप में जानी जाती हैं। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि ताकाइची जापान के नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो भारत-जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

AI सेक्टर में भारत-जापान की नई साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति बन चुका है और भारत-जापान संबंध इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बयान जारी किया है। पीएम मोदी के अनुसार, जापान की उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की मजबूत सॉफ्टवेयर क्षमताओं का संयोजन वैश्विक AI विकास को नई गति और शक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में तकनीकी साझेदारी भारत-जापान संबंधों का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी।

रक्षा क्षेत्र में पहली संयुक्त विकास परियोजना पर समझौता

शिखर वार्ता के दौरान भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में भी ऐतिहासिक कदम उठाया। दोनों देशों के बीच पहली संयुक्त रक्षा सह-विकास परियोजना को लेकर समझौता हुआ है। इसे भारत-जापान रक्षा सहयोग के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और सप्लाई चेन पर विशेष फोकस

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस शिखर बैठक का उद्देश्य भरोसे, साझा मूल्यों और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित भारत-जापान संबंधों को नई गति देना है। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। वार्ता के दौरान सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, दवा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीकों और मजबूत वैश्विक सप्लाई चेन के विकास जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं जापानी प्रधानमंत्री

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वह 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग ले रही हैं। इस सम्मेलन में दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करना है।

भारत-जापान बिजनेस फोरम में भी लेंगी हिस्सा

भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची भारत-जापान बिजनेस फोरम में भी शामिल होंगी। इस मंच पर दोनों देशों के उद्योग जगत और सरकारी प्रतिनिधि निवेश, व्यापार और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में भारत और जापान के संबंधों को “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” का दर्जा दिया गया था। दोनों देश वर्ष 2027 में अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो का दौरा कर 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। यह वार्षिक सम्मेलन दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments