आगरा। आगरा-मथुरा हाईवे पर सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब यात्रियों से भरी एक रोडवेज बस का आगे का पहिया अचानक निकल गया। पहिया निकलते ही चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और बस डिवाइडर से टकराने के बाद सड़क पर पलट गई। हादसे में आठ यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को हल्की चोटें आई हैं।
रुनकता के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना रुनकता क्षेत्र में शेरजंग दरगाह के निकट हुई। मथुरा से आगरा की ओर आ रही रोडवेज बस में करीब 15 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस सामान्य से अधिक गति में चल रही थी। इसी दौरान बस का अगला पहिया अचानक अलग हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर पलट गया।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए, जबकि कुछ सड़क पर गिरकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल आठ यात्रियों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई हादसे की वजह
हादसे में घायल यात्री अभिषेक ने बताया कि बस तेज रफ्तार में चल रही थी। अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कुछ ही क्षणों में आगे का पहिया अलग होकर सड़क पर लुढ़क गया। इसके बाद बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। दुर्घटना में बस को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जांच के दायरे में बस की फिटनेस और रखरखाव
पुलिस ने हादसे के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। हालांकि दुर्घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि बस का पहिया तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या किसी अन्य कारण से निकला। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की फिटनेस, नियमित मेंटेनेंस और तेज रफ्तार के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।


