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मसूरी का सफर बना मौत का सफर! थार हादसे में 3 दोस्तों की मौत

रात को घूमने निकले 5 दोस्त, सुबह 3 की मौत की खबर से मचा कोहराम!

‘भैया, अब तो रात हो गई…’ बहन की चीख सुन रो पड़ा हर कोई

सहारनपुर सड़क हादसा: आगरा से मसूरी घूमने निकले पांच दोस्तों की थार कार सहारनपुर में हादसे का शिकार हो गई। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नागल क्षेत्र के बेलड़ा जुनारदार के पास गोल चक्कर पर तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। वहीं, राहुल की बहन के आखिरी शब्द और सक्षम की मौत से कुछ देर पहले की सोशल मीडिया पोस्ट ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

Agra to Mussoorie: शनिवार रात घूमने निकले थे पांचों दोस्त

जानकारी के मुताबिक, साहिल, राहुल, सक्षम, सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा शनिवार रात करीब नौ बजे मसूरी घूमने के लिए घर से निकले थे। पांचों दोस्त थार गाड़ी में सवार थे। रविवार तड़के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया गया है कि नागल क्षेत्र के बेलड़ा जुनारदार के पास गोल चक्कर पर तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि तीन दोस्तों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मौत से 38 मिनट पहले सक्षम ने शेयर की थी इंस्टाग्राम पोस्ट

इस हादसे से जुड़ी एक घटना ने दोस्तों और परिजनों को भावुक कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सक्षम ने शनिवार रात करीब 2:10 बजे सहारनपुर के एक पेट्रोल पंप पर थार गाड़ी के बोनट पर बैठकर अपनी तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की थी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करने के महज 38 मिनट बाद ही सक्षम समेत तीन दोस्तों की जिंदगी खत्म हो गई। जिस सफर पर पांचों दोस्त घूमने और खुशियां मनाने निकले थे, वही सफर तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

राहुल की मौत से परिवार का सहारा छिना, दो बहनों की शादी की थी जिम्मेदारी

सहारनपुर हादसे में जान गंवाने वाले राहुल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आगरा के टेढ़ी बगिया निवासी राहुल अपने परिवार की उम्मीद था। उसके पिता गोपाल सिंह राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार में राहुल की दो छोटी बहनें प्रिया और प्रियंका तथा दो भाई रोहित और आदित्य हैं। परिजनों के मुताबिक, राहुल नौकरी करके परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मां मछला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें सबसे ज्यादा चिंता अपनी बेटियों की शादी और परिवार के भविष्य की सता रही है।

‘भैया, अब तो रात हो गई… आजा, लेकिन तेरी तो लाश आ गई’

राहुल की छोटी बहन प्रिया के शब्द सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। प्रिया ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे भाई का फोन आया था। राहुल ने कपड़े पैक करने के लिए कहा और बताया कि वह मसूरी घूमने जा रहा है। उसने सुबह तक लौट आने की बात भी कही थी।

बहनों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि भाई से हुई यह बातचीत उनकी आखिरी बातचीत बन जाएगी। जिस भाई के घर लौटने का इंतजार था, वह वापस तो आया, लेकिन जिंदा नहीं। बिलखती प्रिया के मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे हैं, ‘भैया, अब तो रात हो गई… आजा, लेकिन तेरी तो लाश आ गई।’ बहन की यह पीड़ा पूरे परिवार के असहनीय दुख को बयां कर रही है।

बेटे की आखिरी कॉल याद कर रो पड़े पिता गोपाल सिंह

राहुल के पिता गोपाल सिंह को बेटे से हुई आखिरी बातचीत बार-बार याद आ रही है। उन्होंने बताया कि राहुल शनिवार दोपहर कार लेकर घर से निकला था। रात करीब आठ बजे उन्होंने फोन करके पूछा तो राहुल ने कहा कि वह घर आ रहा है। कुछ देर बाद राहुल का दोबारा फोन आया। उसने बताया कि वह दोस्तों के साथ घूमने जा रहा है। पिता ने उसे घर लौटने के लिए कहा, लेकिन राहुल घूमने जाने की बात पर अड़ा रहा।

गोपाल सिंह को क्या पता था कि बेटे से हुई यह बातचीत उनकी जिंदगी की आखिरी यादों में शामिल हो जाएगी। कुछ देर बाद कमला नगर में रहने वाले उनके भतीजे ने फोन करके राहुल के एक्सीडेंट की जानकारी दी। हादसे की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता अब मोबाइल पर बेटे की आखिरी कॉल को याद कर रहे हैं। जिस बेटे से कुछ घंटे पहले बात हुई थी, उसके हमेशा के लिए चले जाने का दुख परिवार को अंदर तक तोड़ गया है।

साहिल भी कुछ दिनों के लिए घर आया था

हादसे में जान गंवाने वाले साहिल के बारे में बताया गया है कि वह पांच दिन के लिए घर की देखभाल करने दिल्ली से आया था। दोस्तों के साथ मसूरी घूमने का कार्यक्रम बना और सभी थार गाड़ी से निकल पड़े। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों का यह सफर उनके परिवारों की खुशियां छीन लेगा। हादसे के बाद मृतकों के घरों में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

एक हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं

दोस्तों के साथ घूमने की योजना, घर से निकलते वक्त किए गए वादे और सुबह तक लौट आने की उम्मीदें अब दर्दनाक यादों में बदल गई हैं। सहारनपुर में हुए इस भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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